B'DAY SPECIAL: एक रोड एक्सीडेंट ने बनाया शक्ति कपूर को बी टाउन का विलेन, हो गई थी गाड़ी चकनाचूर!
Amit Singh
Publish: Sep, 03 2018 05:08:41 (IST)
B'DAY SPECIAL: एक रोड एक्सीडेंट ने बनाया शक्ति कपूर को बी टाउन का विलेन, हो गई थी गाड़ी चकनाचूर!

शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1958 को एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता की एक टेलरिंग शॉप थी।

बॉलीवुड के मशहूर विलेन शक्ति कपूर की अदाकारी का हर कोई मुरीद है। ना सिर्फ, निगेटिव कैरेक्टर बल्कि उन्होंने अपने कॉमिक रोल से भी दर्शकों का काफी मनोरंजन किया है। शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1958 को एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता की एक टेलरिंग शॉप थी।

सुनील दत्त ने दिया फर्स्ट चांस
उनकी शॉप पर हिन्दी फिल्मों के बड़े सितारे आया करते थे। एक दिन सुनील दत्त ने सुनील कपूर को देखा और अपनी फिल्म रॉकी के लिए विलेन के रूप में काम करने का ऑफर दिया। परन्तु सुनील दत्त को विलेन के रूप में सुनील कपूर नाम नहीं जमा और उन्होंने एक नया नाम शक्ति कपूर दिया। इस नाम के साथ शक्ति कपूर की दो फिल्में 'रॉकी' और 'कुर्बानी' आई, दोनों ही सफल रही और शक्ति कपूर एक कामयाब विलेन के रूप में स्थापित हो गए। इसके बाद शक्ति कपूर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

Shakti Kapoor

एक्सीडेंट से मिली इंडस्ट्री में पहचान
बात उन दिनो की है जब वह फिल्मों में स्ट्रगल कर रहे थे। तभी एक दिन वो एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। अपनी गाड़ी से किसी काम के लिए जा रहे शक्ति की टक्कर एक आलीशान कार से हुई जिससे शक्ति की गाड़ी का काफी नुकसान हुआ। अपनी गाड़ी की ऐसी दुर्दशा देख कर वह दूसरी गाड़ी वाले से उसका हर्जाना मांगने लगे। लेकिन यह जानकर आपको हैरानी होगी कि उस गाड़ी से कौन बाहर निकला। उस दिन शक्ति कपूर की गाड़ी और किसी से नहीं बल्कि दिग्गज एक्टर फिरोज खान की गाड़ी से टकराई थी। उस वक्त फिरोज खान फिल्म 'कुर्बानी' बनाने की तैयारी कर रहे थे और विलेन की तलाश में थें। उस दिन हादसे के बाद फिरोज वहां से चले तो गए लेकिन उनके जेहन में शक्ति कपूर की छाप रह गई। जिसके बाद उन्होंने तय किया कि उनकी फिल्म के विलेन शक्ति ही होंगे। फिल्मों में दमदार रोल के लिए जद्दोजहद कर रहे शक्ति के लिए फिल्म न 'कुर्बानी' का ये रोल उनके कॅरियर के लिए गेम चेंजर साबित हुई।

 

 SHAKTI KAPOOR

कॉमेडी रोल्स में भी बिखेरा जलवा
शक्ति कपूर ने विलेन के रोल के साथ ही कॉमिक रोल भी बड़ी सहजता से निभाए। उन्होंने गोविन्दा, कादर खान और संजय दत्त के साथ कई फिल्मों में कॉमेडी कर अपने अभिनय से सबकों अपना मुरीद बनाया। साथ ही उन्हें वर्ष 1995 में राजा बाबू के लिए बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिया गया।