शादीशुदा महेश भट्ट को हो गया था इस एक्ट्रेस से प्यार, बीवी-बच्चों को छोड़ रहने लगे थे साथ, पर्दे पर दिखाई रिश्ते की सच्चाई
Mahendra Yadav
| Updated: 19 Sep 2019, 07:26:44 PM (IST)
शादीशुदा महेश भट्ट को हो गया था इस एक्ट्रेस से प्यार, बीवी-बच्चों को छोड़ रहने लगे थे साथ, पर्दे पर दिखाई रिश्ते की सच्चाई
mahesh bhatt

पढ़ाई पूरी करने के बाद वह निर्माता-निर्देशक राज खोसला के सहायक के तौर पर काम करने लगे।

बॉलीवुड में महेश भट्ट को एक ऐसे फिल्मकार के रूप में शुमार किया जाता है, जिन्होंने अर्थपूर्ण और सामाजिक फिल्में बनाकर दर्शको को अपना दीवाना बनाया है। महेश भट्ट का जन्म 20 सितंबर, 1949 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता नानाभाई भट्ट फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने फिल्मकार थे। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण उनका रूझान भी फिल्मों की ओर हो गया और वह भी निर्देशक बनने का सपना देखने लगे।

राज खोसला के सहायक बने

पढ़ाई पूरी करने के बाद वह निर्माता-निर्देशक राज खोसला के सहायक के तौर पर काम करने लगे। महेश भट्ट ने अपने सिने कॅरियर की शुरूआत वर्ष 1970 में एक डाक्यूमेंट्री फिल्म 'संकट'से की। इसके बाद उन्होंने बतौर निर्देशक 'मंजिले और भी है', 'विश्वासघात','लहू के दो रंग', 'नया दौर' और 'अभिमन्यु' जैसी कई फिल्में निर्देशित की। लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली।

अर्थ से मिली पहचान
वर्ष 1982 में महेश को फिल्म 'अर्थ' निर्देशित करने का अवसर मिला। फिल्म में स्मिता पाटिल, शबानी आजमी और कुलभूषण खरबंदा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि इस फिल्म के जरिए उन्होंने अभिनेत्री परवीन बाबी के साथ अपने रिश्ते को दर्शाया था। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इसके साथ ही वह समीक्षको का भी दिल जीतने में सफल रहे। वर्ष 1984 में प्रदर्शित फिल्म 'सारांश' महेश भट्ट के निर्देशन में बनी सुपरहिट फिल्म साबित हुई। फिल्म में अनुपम खेर और रोहिणी हथगड़ी और सोनी राजदान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की बेहतरीन पटकथा के लिये महेश भट्ट मास्को फिल्म फेस्टिबल में पुरस्कार से सम्मानित भी किये गए।

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1989 में रखा फिल्म निमार्ण में कदम

वर्ष 1989 में महेश भट्ट ने अपने भाई मुकेश भट्ट के साथ मिलकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और फिल्म 'डैडी' का निर्माण किया। फिल्म के जरिए महेश भट्ट ने अपनी पुत्री पूजा भट्ट को फिल्म इंडस्ट्री में बतौर अभिनेत्री लॉन्च किया। फिल्म में अपने भावपूर्ण अभिनय से अनुपम खेर और पूजा भट्ट ने दर्शको का दिल जीत लिया और फिल्म को सुपरहिट बना दिया। वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म 'आशिकी' उनके सिनेसफर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुई। वर्ष 1995 में महेश भट्ट ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और शोभा डे की कहानी 'स्वाभिमान' को निर्देशित किया। यह धारावाहिक दर्शको के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।

अफेयर के भी रहे चर्चे

फिल्मों के अलावा महेश भट्ट अपने अफेयर को लेकर भी चर्चा में रहे। उनके अफेयर के चर्चे बोल्ड एक्ट्रेस परवीन बाबी के साथ रहे। दोनों का रोमांस 1977 के आखिर में शुरू हुआ था, तब महेश भट्ट भी शादीशुदा थे लेकिन वो अपनी पत्नी और बेटी पूजा भट्ट को छोड़कर परवीन बाबी के साथ रहने लगे थे। ये वो दौर था जब परवीन चोटी की स्टार थीं और महेश भट्ट एक फ्लॉप फिल्ममेकर। महेश भट्ट के साथ रोमांस के दौरान ही परवीन बाबी को मानसिक बीमारी शुरू हुई थी।

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20 साल बाद निर्देशन में वापसी
वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म 'कारतूस' की असफलता के बाद महेश भट्ट ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र से किनारा कर लिया। हालांकि उन्होंने फिल्मों की कहानी और स्क्रीनप्ले लिखना जारी रखा। वे अपने सिने कॅरियर में तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किये गए। महेश भट्ट ने अपने तीन दशक लंबे सिने कॅरियर में लगभग 50 फिल्मों का निर्देशन किया है। अब वे फिर से निर्देशन के क्षेत्र में वापस आ गए हैं और वह इन दिनों अपनी सुपरहिट फिल्म 'सड़क' का सीक्वल बना रहे हैं।