वो एक जिद...और शर्मिला को कबूल करना पड़ा इस्लाम, देखें अनदेखी तस्वीरें

By: भूप सिंह
| Published: 08 Dec 2017, 02:12 PM IST
वो एक जिद...और शर्मिला को कबूल करना पड़ा इस्लाम, देखें अनदेखी तस्वीरें
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वो एक जिद...और शर्मिला को कबूल करना पड़ा इस्लाम, देखें अनदेखी तस्वीरें

बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर आज अपना 74वां जन्मदिन मना रही हैं। वो 8 दिसंबर 1944 को हैदराबाद के बंगाली परिवार में पैदा हुईं थीं। गुजरे जमाने की अदाकारा शर्मिला टैगोर ने हिंदी फिल्मों में जो मुकाम हासिल किया है, वह कम लोगों को नसीब हुआ है। वर्ष 1959 से 1984 तक रुपहले पर्दे पर शर्मिला के रूप और अदाओं का राज रहा है। वह 1991 से 2010 तक अलग अंदाज में पर्दे पर सक्रिय रहीं। शर्मिला बॉलीवुड की एकमात्र अभिनेत्री हैं, जिन्होंने रुपहले पर्दे पर बिकिनी परंपरा की शुरुआत की थी। वो अपने जमाने में सबसे हॉट एंड बोल्ड अभिनेत्री रही हैं। उन्हें बेहतरीन अभिनय के लिए दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

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राजेश खन्ना के साथ हिट रही जोड़ी...
शर्मिला और राजेश खन्ना की जोड़ी खूब सफल रही। इस जोड़ी ने एक समय सफलता के मिसाल कायम किए। दोनों ने कई हिट फिल्में दीं, जिनमें 'अमर प्रेम', 'दाग', 'अराधना' उल्लेखनीय हैं। इसके अलावा 'सफर', 'कश्मीर की कली', 'मौसम', 'तलाश','वक्त','फरार', 'आमने-सामने' जैसी फिल्में शर्मिला के अभिनय की कहानी बयां करती हैं।

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रवींद्रनाथ टैगोर के भाई शर्मिला के नाना थे...
शर्मिला भारतीय फिल्मों की सशक्त अभिनेत्री रही हैं। उनका जन्म हैदराबाद में एक हिंदू बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता गितींद्रनाथ टैगोर गुलाम भारत में एक कंपनी में महाप्रबंधक थे। उनकी मां असम से थीं। शर्मिला की नानी नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भाई द्विजेंद्रनाथ टैगोर की नातिन थीं।

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शर्मिला को देखते ही फिदा हो गए थे पटौदी...
शर्मिला का विवाह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पटौदी के नवाब मंसूर अली खान पटौदी से 27 दिसंबर, 1969 को हुआ था। शर्मिला की खूबसूरती का जादू पटौदी पर इस कदर बरपा था कि वह उन्हें देखते ही एक ही नजर में अपना दिल दे बैठे थे। शर्मिला भी उनकी तरफ काफी आकर्षित हुईं और दोनों के बीच मुलाकातें बढऩे लगीं। दोनों एक-दूसरे को प्यार करने लगे और जिंदगीभर साथ रहने का निर्णय लिया। उनकी इस शाही शादी में देशभर के कई दिग्गजों ने शिरकत की थी, उनमें तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन और इंदिरा गांधी जैसी हस्तियों की मौजूदगी खास थी।

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इसलिए बदल लिया धर्म...
विवाह के बाद शर्मिला ने इस्लाम कबूल कर लिया और वह नाम आयशा सुल्तान बन गईं। हालांकि, आज तक शर्मिला के धर्म बदलने के पीछे की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई, लेकिन ऐसा माना जाता रहा है कि नवाब पटौदी की इच्छा थी कि शर्मिला इस्लाम धर्म कुबूल कर लें। इस बारेवर्ष 2011 में 70 वर्ष की आयु में पटौदी का निधन हो गया। वह फेफड़े के गंभीर संक्रमण से पीडि़त थे। शर्मिला आज अकेली हैं। उनके तीन बच्चे हैं -सैफ अली खान, सबा अली खान और सोहा अली खान। सैफ, सोहा फिल्म-जगत में सक्रिय हैं, जबकि सबा अली खान आभूषण डिजाइनर हैं। शर्मिला को अपने कॅरियर में ढेरों पुरस्कार मिले, उनमें देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण प्रमुख है। यह पुरस्कार उन्हें वर्ष 2013 में प्रदान किया गया था।

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फिर से जवां होना चाहती हैं शर्मिला...
शर्मिला आज भले ही उम्र के तीसरे पड़ाव पर हैं, लेकिन उनका मन आज भी युवा है। इस बात का पता हाल ही तब चला, जब उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में एक बार फिर से युवा बनने की इच्छा जाहिर की। हालांकि आज वह परिवार में तीसरी पीढ़ी का स्वागत करने की तैयारी में हैं। शर्मिला की बहू अभिनेत्री करीना कपूर दिसंबर में मां बनने वाली हैं। लेकिन शर्मिला आज वह सबकुछ समेट लेना चाहती हैं, जो जीवन की आपा-धापी के बीच उनके हाथ से छूट गया है।

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शर्मिला की ख्वाहिश...
शर्मिला का कहना है कि वह अपने दिवंगत पति क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की बायोपिक देखना पसंद करेंगी और इसमें वह रणवीर और आलिया को देखना चाहेंगी। हम अपको बता दें कि उम्र के इस पड़ाव पर पहुंच चुकीं शर्मिला आज भी उतनी ही खूबसूरत हैं, जितनी वह उस जमाने में थीं। उनकी खबसूरती के लाखों-करोड़ों चाहने वाले हैं और सभी उनके जन्मदिन पर यही दुआ करते है कि तुम जियो हजारो साल...।