बेटों से बेटियों को कम नहीं मानते ये फिल्मी स्टार्स, जेंडर डिस्क्रिमिनेशन को लेकर कही ये बात
Bhup Singh
| Updated: 21 Sep 2019, 08:20:01 PM (IST)
बेटों से बेटियों को कम नहीं मानते ये फिल्मी स्टार्स, जेंडर डिस्क्रिमिनेशन को लेकर कही ये बात
imran hasnee

'डॉटर्स डे' ( Daughter's Day ) पर ऋतिक, ( Hrithik Roshan ) वाणी ( Vaani Kapoor ) और इमरान हसनी ( Imran Hasnee ) ने कहा....

'बेटी दिवस' ( Daughter's Day ) के मौके पर राजस्थान पत्रिका के 'बिटिया एट वर्क' ( [email protected] ) कैंपेन के तहत बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के स्टार्स ने अपने-अपने विचार साझा किए हैं। कलाकारों का कहना है कि बेटियां-बेटों से कम नहीं। पैरेंट्स को सालों से चले आ रहे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन ( gender discrimination ) के मिथ को तोड़ना होगा। लड़कियां घर, समाज और देश की आनबान शान हैं। हर क्षेत्र में लड़कियों ने अपना लोहा मनवाया है। लड़के और लड़कियां दोनों सम्मान हैं।

 

hrithik roshan

ऋतिक रोशन
लड़कियां और लड़कों में कोई फर्क नहीं है यह कहना बॉलीवुड के सुपरहीरो ऋतिक रोशन का। लड़कियों और लड़कों को लेकर जितने भी भ्रम हैं उन्हें मिटा देना चाहिए। हमें दोनों को ही सम्मान रूप से देखना चाहिए। मैं जानता हूं कि वर्षों से लड़कियों को लेकर एक मिथ चला आ रहा है जिसको लड़कियां फील भी कर रही हैं। कुछ का सोचना है कि लड़कियों, लड़कों के साथ काम नहीं कर सकती। ये सब झूठ है और इससे बाहर निकलना चाहिए। आज लड़कियां महसूस करा रही हैं कि वह किसी भी तरह बेटों से कम नहीं हैं। वह लड़कों के सम्मान ही है। इसका मतलब यही है कि जहां लड़के जरूरी है वहां लड़कियां भी। दोनों में किसी तरह का कोई फर्क नहीं है दोनों ही सम्मान हैं।

 

imran hasnee

इमरान हसनी
'डॉटर्स डे' पर मेरे बेटियों और देश की समस्त बेटियों को अपना आशीर्वाद, स्नेह और प्यार देते हुए इमरान हसनी ने कहा कि हर दिन 'डॉटर्स डे' होता है। जिस घर में बेटियां होती है उस घर में सदा मुस्कराहट, खुशबू और वातावरण ही अलग होता है। जिस घर के अंदर बेटियों की इज्जत होती है वो घर पनपता है। कहते हैं जिस घर पर रब की मेहरबानी होती है उस घर में बेटियां पैदा होती हैं। मेरे घर भी दो बेटियां है। मेरे परिवार में शुरुआत से ही बेटियों को लेकर किसी तरह को कोई भेदभाव नहीं रहा। मैं बेटियों से कहना चाहता हूं कि समाज क्या कहता है उन्हें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए। इससे अपना मनोबल नहीं गिरने देना है और उन्हें कभी ये कहने की जरूरत भी नहीं है कि बेटे जैसी है। क्योंकि आपका उनसे कंपेरिजन भी अपने आप में छोटा करता है। आप किसी के जैसी नहीं आप बेटी है और बेटी बनकर ही रहिए। हमें 'बेटी बचाओं' के नारे से उपर उठने की जरूरत है। आज किसी भी फील्ड में लड़कियों, लड़कों से कम नहीं बल्कि आगे ही हैं।

vaani kapoor

वाणी कपूर
एक लड़की के लिए पैरेंट्स बहुत जरूरी होते हैं और स्पेशल फादर अपनी बेटी के सबसे क्लोज माने जाते हैं। लड़कियां अपने पैरेंट्स के बहुत करीब होती है और उनकी देखभाल भी अच्छे से करती हैं ये कहना है 'वॉर' एक्ट्रेस वाणी कपूर का। आजकल की लड़कियां इमोशनली और मेंटली तौर पर बहुत आगे बढ़ चुकी हैं। मुझे लगता है कि लड़कियां बहुत समझदार होती है और अपने पैरेंट्स का ज्यादा सहारा बनती हैं। एक लड़की होने को लेकर मैं बहुत खुश हूं। मैं सोचती हूं कि ऐसी कितनी और लड़कियां हैं जो अपने पैरेंट्स को प्राउड फील कराती हैं।