डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने कविता के जरिए JNU Attack पर जताया आक्रोश, कहा- जैसा सोचा था तुम वैसे ही निकले

By: Sunita Adhikari
| Updated: 06 Jan 2020, 05:37 PM IST
डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने कविता के जरिए JNU Attack पर जताया आक्रोश, कहा- जैसा सोचा था तुम वैसे ही निकले

  • जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawahar Lal Nehru University) कैंपस में छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। ये घटना रविवार शाम को हुई। हिंसा में दोनों पक्षों के 26 से ज्यादा छात्र घायल हो गए हैं। घायलों में महिला शिक्षक भी हैं।

नई दिल्‍ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawahar Lal Nehru University) कैंपस में छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। ये घटना रविवार शाम को हुई। हिंसा में दोनों पक्षों के 26 से ज्यादा छात्र घायल हो गए हैं। घायलों में महिला शिक्षक भी हैं। बताया जा रहा है कि नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। इस घटना के बाद बॉलीवुड सितारों का भी गुस्सा फूट उठा और उन्होंने इसके विरोध में ट्वीट किए। अब डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने कविता के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है। विशाल ने कहा जैसा सोचा था तुम बिल्कुल वैसे ही निकले।

विशाल भारद्वाज (Vishal Bhardwaj) ने जेएनयू अटैक (JNU Attack) पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, "हम मायूस नहीं हैं, हम हैरान नहीं, जैसा सोचा था तुम वैसे ही निकले। रात में सूरज लाने का वादा करके, दिन में रात उगा कर दिखला दी तुमने, पानी पानी कह के बरसाया तेज़ाब, और इक आग लगा कर दिखला दी तुमने, हम मायूस नहीं हैं हम हैरान नहीं। इस तरह कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए कौन जवाबदेह है?" विशाल भारद्वाज का ये ट्वीट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आपको बता दें बॉलीवुड से कई एक्टर्स ने जेएनयू मुद्दे पर अपना रिएक्शन दिया है। अभिनेत्री तापसी पन्नू ने लिखा- 'ऐसी स्थिति है, हम सोचते हैं कि ऐसी जगह हमारा भविष्य बनता है। यह डरावना है और ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है। हम किस तरह यहां भविष्य को आकार देने के बारे में सोच रहे हैं। दुखद है ये।' वहीं कृति सेनन ने ट्वीट किया- 'जेएनयू में जो हुआ उसे देखकर मेरा दिल टूट गया। भारत में जो चल रहा है वह भयानक है। नकाबपोश कायरों द्वारा छात्रों और शिक्षकों को पीटा और आतंकित किया जा रहा है। राजनैतिक एजेंडे के लिए इतना गिरा हुआ खेल। हिंसा समाधान नहीं है। हम इतने अमानवीय कैसे हो गए हैं?'