गणेश हिवारकर ने बताया कि कैसे सुशांत ने खुद संघर्ष करते हुए उनका कॅरियर बनाने में मदद की थी

By: Mahendra Yadav
| Published: 15 Sep 2020, 08:13 PM IST
गणेश हिवारकर ने बताया कि कैसे सुशांत ने खुद संघर्ष करते हुए उनका कॅरियर बनाने में मदद की थी
गणेश हिवारकर ने बताया कि कैसे सुशांत ने खुद संघर्ष करते हुए उनका कॅरियर बनाने में मदद की थी

उनका कहना है कि सुशांत उस समय खुद एक संघर्षशील अभिनेता और डांसर थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भावनात्मक और वित्तीय मदद की थी। गणेश ने बताया, 'यह 2007 की बात है। मेरी डांस क्लास के लिए ब्रोशर बनाने का आइडिया सुशांत का था। मुझे उस समय इन चीजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। मैं आमतौर पर सिर्फ पांच या छह स्टूडेंट के साथ अपनी क्लास चलाता था।

कोरियोग्राफर गणेश हिवारकर ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके प्रिय मित्र ने उन्हें न सिर्फ आत्महत्या करने से रोका था, बल्कि शहर में एक डांस टीचर के रूप में उनका करियर बनाने में भी मदद की थी। उनका कहना है कि सुशांत उस समय खुद एक संघर्षशील अभिनेता और डांसर थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भावनात्मक और वित्तीय मदद की थी। गणेश ने बताया, 'यह 2007 की बात है। मेरी डांस क्लास के लिए ब्रोशर बनाने का आइडिया सुशांत का था। मुझे उस समय इन चीजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। मैं आमतौर पर सिर्फ पांच या छह स्टूडेंट के साथ अपनी क्लास चलाता था। सुशांत श्यामक डावर से जुड़े थे और मुझसे कहा कि मुझे अधिक स्टूडेंट को जोड़ने के लिए विज्ञापन करने की जरूरत है। उन्होंने यह कहते हुए श्यामक का ब्रोशर और कैलेंडर मुझे दिखाया कि ब्रांडिंग कैसे की जानी चाहिए।

गणेश ने कहा, 'सुशांत ने न केवल मुझे ब्रोशर का आइडिया दिया, बल्कि इसे बनाया भी। मुझे अभी भी याद है कि वह पूरी रात कंप्यूटर पर बैठे रहे थे, मेरे डांस क्लास, ब्रोशर डिजाइन और उस सभी के लिए एक उपयुक्त नाम की तलाश में थे। टेक्स्ट की योजना भी उसके द्वारा बनाई गई थी कि बच्चों के लिए क्या उल्लेख करना है, वयस्क छात्रों को आकर्षित करने के लिए क्या लिखना है। उन्होंने तस्वीरों के लिए पोज भी दिए जो ब्रोशर में छपे थे।'
कोरियोग्राफर ने आगे बताया कि कैसे उनके डांस क्लास ब्रोशर को बनाने में आई खर्च का वहन भी उनके दोस्त सुशांत ने किया था, जो उस समय खुद एक संघर्षरत अभिनेता और डांसर थे।

गणेश हिवारकर ने बताया कि कैसे सुशांत ने खुद संघर्ष करते हुए उनका कॅरियर बनाने में मदद की थी

गणेश ने कहा, ब्रोशर की लागत का खर्च उन्होंने ही वहन किया। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से आया था और उस समय ज्यादा पैसे खर्च करने में असमर्थ था। उस समय लागत 15-20,000 रुपये आई थी। उस समय मेरी फीस प्रति छात्र 1000 रुपये थी। मुझे मुंबई में 5000 रुपये पर सर्वाइव करना था, इसलिए मैं ब्रोशर जैसी चीज पर खर्च करने का सपना नहीं देख सकता था। वह उस समय संघर्ष कर रहे थे, लेकिन ब्रोशर पर खर्च करने से पहले दो बार भी नहीं सोचा था। उन्होंने न सिर्फ न मुझे आत्महत्या करने से बचाया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मैं बतौर डांस टीचर अपने करियर पर फोकस करूं। इस तरह के शख्स थे सुशांत।

उन्होंने बताया कि सुशांत उन्हें लोगों से मिलाने के लिए शहर के चारों ओर अपनी स्प्लेंडर बाइक पर ले जाते थे। इस तरह से उन्होंने अनुपम खेर के एक्टिंग अकेडमी में डांस टीचर के रूप में मुझे नौकरी पाने में उनकी मदद की, जहां मैंने कुछ समय तक काम किया। सुशांत की मौत के मामले में जांच से संतुष्ट होने के सवाल पर गणेश ने कहा, ये सब बहुत हाई लेवल की चीजें हैं, मैं ज्यादा कुछ समझ नहीं पा रहा। मीडिया में पिछले दो दिनों से कंगना (रनौत) के बारे में ज्यादा दिखाया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब है कि मीडिया का ध्यान सुशांत से हट गया है? तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। सुशांत की खबरें भी दिखाई जा रही हैं और कंगना ड्रग्स और इस सब के बारे में बात करके मामले को सपोर्ट कर रही हैं। मुझे पता है कि लोग धीरज खो रहे हैं और वे चाहते हैं कि एजेंसियां मामले को सुलझाएं, लेकिन मैं समझता हूं कि इसे जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। यह कोई छोटी बात नहीं है, इसीलिए उन्हें समय लग रहा है। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आ जाएगी।