रमेश सिप्पी की 'शक्ति' के रीमेक की तैयारी

By: पवन राणा
| Updated: 19 Aug 2020, 11:36 PM IST
रमेश सिप्पी की 'शक्ति' के रीमेक की तैयारी
रमेश सिप्पी की 'शक्ति' के रीमेक की तैयारी

हॉलीवुड की 'डेथ राइड्स ए होर्स' पर 'जंजीर' और 'यादों की बारात' तो 'मैग्नीफिसेंट सेवन' पर 'शोले' लिखने के बाद 'शक्ति' की कहानी के लिए सलीम-जावेद ने 1974 की तमिल फिल्म 'थंगा पथक्कम' (स्वर्ण पदक) का सहारा लिया। इस फिल्म में शिवाजी गणेशन फर्जपरस्त पुलिस अफसर के किरदार में थे, जो कानून की हिफाजत के लिए अपने मुजरिम बेटे श्रीनाथ पर गोलियां चलाने से नहीं चूकते।

-दिनेश ठाकुर
सिनेमाघर पांच महीने से बंद पड़े हैं, फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला रफ्तार नहीं पकड़ रहा है, लेकिन अनलॉक के दौर में नई फिल्मों की योजनाएं बनने लगी हैं। ताजा खबर है कि दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन की 'शक्ति' के रीमेक की तैयारियां चल रही हैं। अदाकारी के इन दो दिग्गजों की यह एकमात्र फिल्म है। इसके 22 सितम्बर, 1982 को सिनेमाघरों में पहुंचने के बाद कई दिनों तक 'कौन किस पर भारी पड़ा' की बहस गरम रही और दोनों के प्रशंसक अपने-अपने हिसाब से नतीजे निकालते रहे। इसी फिल्म के बाद हिन्दी सिनेमा की सबसे कामयाब लेखक-जोड़ी सलीम-जावेद के रास्ते अलग-अलग होने लगे थे। यह जोड़ी दूसरी भाषाओं की फिल्मों के हिन्दी संस्करण तैयार करने में माहिर थी। हॉलीवुड की 'डेथ राइड्स ए होर्स' पर 'जंजीर' और 'यादों की बारात' तो 'मैग्नीफिसेंट सेवन' पर 'शोले' लिखने के बाद 'शक्ति' की कहानी के लिए सलीम-जावेद ने 1974 की तमिल फिल्म 'थंगा पथक्कम' (स्वर्ण पदक) का सहारा लिया। इस फिल्म में शिवाजी गणेशन फर्जपरस्त पुलिस अफसर के किरदार में थे, जो कानून की हिफाजत के लिए अपने मुजरिम बेटे श्रीनाथ पर गोलियां चलाने से नहीं चूकते। निर्देशक रमेश सिप्पी की 'शक्ति' में यही किरदार क्रमश: दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन ने अदा किए।

हैरानी की बात है कि साहित्य में कहानियां खूब लिखी जा रही हैं, लेकिन फिल्मों में कहानियों का इतना अकाल है कि बार-बार पुरानी फिल्मों पर नया मुलम्मा चढ़ाया जा रहा है। आईना वही रहता है, चेहरे बदल जाते हैं। नए फिल्मकारों को रीमेक के लिए अमिताभ बच्चन की फिल्में ज्यादा भा रही हैं। उनकी 'शहंशाह', 'सत्ते पे सत्ता', 'कालिया', 'चुपके-चुपके' और 'नमक हलाल' के रीमेक की चर्चाएं काफी समय से चल रही हैं। करीब दस साल पहले भी 'शक्ति' के रीमेक की खबर आई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन को दिलीप कुमार और अभिषेक बच्चन को उनका किरदार सौंपा जाना था। अब 'टॉयलेट : एक प्रेमकथा' के निर्देशक श्रीनारायण सिंह इसके रीमेक की तैयारी में हैं। बताया जाता है कि वे दो साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। कलाकारों के नाम फिलहाल तय नहीं हैं। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले साल फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाएगी।

राज कपूर ने कभी कहा था कि कामयाब फिल्म बनाने का कोई फार्मूला नहीं होता। अगर होता तो सभी कामयाब फिल्में बनाते। भारत में हर साल 90 फीसदी फिल्में घाटे का सौदा साबित होती हैं। रीमेक फिल्मों की कामयाबी इसलिए भी संदिग्ध रहती है कि उनकी कहानी में लोगों की दिलचस्पी नहीं होती। 'जंजीर' और 'हिम्मतवाला' के रीमेक का क्या हश्र हुआ, सभी जानते हैं।