ए हाईपोथिसिस- टू प्रवोक योर थोट्स: प्रांजल राजन

ये बुक उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है, जो नॉर्मल नोवल्स से कुछ हटके पढ़ना चाहते हैं

By: दिव्या सिंघल

Published: 21 Apr 2015, 09:53 AM IST

कुछ बुक्स पढ़कर आप खुश हो जाते हैं तो कुछ बुक्स का अंत आपको दुखी कर जाता है, लेकिन बुक्स आपको सोचने पर मजबूर कर जाती है। ऎसी ही एक बुक है प्राजंल राजन की "ए हाईपोथिसिस- टू प्रवोक योर थोट्स"। ये बुक समाज की आपके प्रति सोच और नजरिए को बताती है, क्या वह नजरिया सच में सही होता है। इसी के बारे में प्राजंल ने बताया है।

ये बुक उत्तर-पूर्व भारत में रहने वाले एक लड़के ऋषि की कहानी है। ऋषि बहुत छोटी उम्र में अनाथ हो जाता है और उसके अंकल उसे पालते हैं। ऋषि के अंकल उसका पालन-पोषण कुछ अलग तरीके से करते हैं। वे उसे घर पर लाने की बजाए सरवाइवर कैंप में छोड़ देते हैं। उनके इस व्यवहार से समाज के लोग सवाल उठाते हैं, लेकिन क्या अपने इस तरीके से वे ऋषि के लिए कुछ अच्छा कर रहे है, समाज का नजरिया उनके प्रति गलत है या सही? यहीं स्टोरी है इस बुक की।

प्राजंल ने बहुत अच्छे ढंग से अपनी बात रिडर्स तक पहुंचाई है। उनके बुक लिखने का अंदाज थोड़ा अलग है। ये बुक उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है, जो नॉर्मल नोवल्स से कुछ हटके पढ़ना चाहते हैं। इस बुक को पढ़कर आपको जरूर लगेगा कि आपने कुछ नया पढ़ा है।
दिव्या सिंघल
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