बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे सिंचाई मंत्री बोले- नदी हमारी मां है, नुकसान को हम सम्मान के साथ बर्दाश्त करेंगे

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे सिंचाई मंत्री बोले- नदी हमारी मां है, नुकसान को हम सम्मान के साथ बर्दाश्त करेंगे

Amit Sharma | Publish: Sep, 02 2018 06:26:02 PM (IST) Budaun, Uttar Pradesh, India

सिंचाई मंत्री ने कहा कि हम पवित्रता का काम कर रहे हैं, हम नदियों का दौरा कर रहे हैं। नदी हमारी मां है। नुकसान करती हैं तो हम सम्मान के साथ बर्दाश्त करते हैं।

बदायूं। उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़ ग्रस्त जटा गांव का दौरा किया। मंत्री धर्मपाल सिंह बाढ़ से कटे गांव जटा गांव नाव से पहुंचे। गांव में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। गांव के 151 परिवारों को विस्थापित कर दूसरे गांव में बसाने का निर्देश दिया है। जटा गांव में पानी बढ़ने के बाद सभी ग्रामीणों को कटरा गांव में राहत शिविरों में भेजा गया। गंगा में नरौरा बैराज से 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है इसीके चलते गंगा और रामगंगा में पानी खतरे के निशान से मात्र दो सेंटीमीटर नीचे रह गया है।

नाव से पहुंचे मंत्री

सिंचाई मंत्री बाढ़ पीड़ितों से जटा गांव नाव पर सवार होकर पहुंचे। उनके साथ दातागंज विधायक राजीव कुमार, शेखुपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, बदायूं जिलाधिकारी, एसएसपी, एडीएम, एसडीएम सहित बाढ़खंड के अधिकारी रहे। मंत्री ने गांव में पहुंच कर सभी 151 परिवारों को खेड़ा गांव में प्रत्येक परिवार को 150 गज में पक्का मकान बनवाकर देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने इस बार चार गुना ज्यादा बजट दिया है। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल जाना। मंत्री ने राहत सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

2020 तक दिल्ली में पानी खत्म हो जाएगा

जटा गांव में पानी आने के बाद राहत शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सिचाई मंत्री मिले साथ ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरा में विस्थापित किये गए लोगों से दर्द जाना। ग्रामीणों का कहना था कि उनको किसी अन्य स्थान पर बसाया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें और पीड़ितों को सीधे राहत सामग्रियों सहित स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। सिंचाई मंत्री ने कहा कि हम पवित्रता का काम कर रहे हैं, हम नदियों का दौरा कर रहे हैं। नदी हमारी मां है। नुकसान करती है तो हम सम्मान के साथ बर्दाश्त करते हैं। यहां साल में गेहूं की फसल एक बार होती है। यह हमारे लिए जीवन देती हैं, हम नदियों का सम्मान करते हैं। नदियों को बचाने के लिए योगी सरकार चिंता कर रही है। पानी का बहुत बड़ा महत्व है, 2020 में दिल्ली और बैंगलोर में पानी खत्म हो जाएगा।

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