उम्‍मीदों का बजट: ईलेक्ट्रिक वाहनों और आरएंडडी पर टैक्‍स रियायत देने की मांग

वाहन उद्योग को उम्मीद है कि बजट में ग्राहकों और वाहन उद्योग के लिए माहौल सकारात्मक बनाने के लिए कुछ नए कदम उठाए जाएंगे।

By: आलोक कुमार

Published: 25 Jan 2018, 04:35 PM IST

नई दिल्‍ली. नोटबंदी और जीएसटी से ऑटो इंडस्‍ट्री की मुश्किलें बढ़ी हैं। ऐसे में वाहन उद्योग को उम्मीद है कि 1 फरवरी 2018 को पेश होने वाले केन्द्रीय बजट में ग्राहकों को वाहन खरीद के लिए प्रोत्साहित करने और वाहन उद्योग के लिए माहौल सकारात्मक बनाने के लिए कुछ नए कदम उठाए जाएंगे। ऑटो इंडस्‍ट्री के औद्योगिक संगठन सियाम ने कहा है कि बजट में आरएंडडी के लिए सरकार को फिर से छूट देने की व्यवस्था करनी चाहिए। सरकार पहले वेटेड टैक्स डिडक्शन के नाम पर छूट देती थी। आइए जानते हैं कि ऑटो इंडस्‍ट्री की अगामी बजट से क्‍या है उम्‍मीदें।


रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर टैक्‍स छूट मिले
सियाम ने सिफारिश की है कि सरकार आगामी आम बजट में रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में इन्सेंटिव (प्रोत्साहन) की बहाली करें। सियाम के डिप्टी डायरेक्टर सुगातो सेन ने कहा कि सरकार ने बीते साल के आम बजट में रिसर्च एंड डेवेलपमेंट के क्षेत्र में इन्सेंटिव को 200 फीसद से घटाकर 150 फीसद कर दिया था। सरकार ने उस वक्त भरोसा दिलाया था कि इससे कंपनियों के लिए प्रत्यक्ष कर देयता मौजूदा 30 फीसद से घटकर 25 फीसद हो जाएगी। यह देखते हुए कि मोटर वाहन उद्योग आरएंडडी में भारी निवेश कर रहा है, हम सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि अगर सरकार कार्पोरेट टैक्स की दर को कम नहीं करती है तो आरएंडी पर इन्सेंटिव की बहाली की जानी चाहिए।


कलपुर्जा उद्योग पर हो शून्‍य आयात शुल्‍क
शैफलर इंडिया के सीईओ धर्मेश अरोड़ा ने बताया कि ई-मोबिलिटी की ओर रुख करना एक अच्छा कदम है, लेकिन इसमें हाइब्रिड वाहनों को एक आवश्यकता और व्यवहारिक मध्यवर्ती कदम के तौर पर जरूरी शामिल किया जाना चाहिए। उपभोक्ता के लिए वातावरण तैयार करने और कलपुर्जा उद्योग को शून्य आयात शुल्क जैसे उपायों के जरिए कर राहत देकर इस उद्योग का सहयोग किया जाना चाहिए। साथ ही स्थानीय अनुसंधान और विकास में निवेश के लिए कर राहत से नई प्रौद्योगिकी को तेज़ी से अपनाने को प्रोत्साहन मिलेगा। कराधान के मोर्चे पर कॉरपोरेट दरों में कटौती के लिए रूपरेखा घोषित करते रहने से औद्योगिक वृद्धि और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। हमें एक संतुलित बजट पेश किए जाने की उम्मीद है जिसे सही मौद्रिक नीति का सहारा हो और जिससे एक सकारात्मक निवेश वातावरण का निर्माण हो और उपभोग की अगुवाई में वृद्धि को प्रोत्साहन मिले।


इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट मिले
लोहिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने बताया कि ऑटो मोबाइल उद्योग में शामिल कंपनियां फेम योजना के तहत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए प्रोत्साहन योजना के चलते विस्तार पर काम कर रहे हैं और उन्हें आने वाले केन्द्रीय बजट से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है। बजट से उम्मीद है कि कम से कम 5 साल के लिए बड़ी राहत मिलेगी। इस विस्तार से भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को अपने लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी और पूरे उद्योग को संपूर्ण तौर पर राहत मिलेगी।

आलोक कुमार
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