Diwali 2017: पीएम मोदी के अपील के बावजूद बाजरों में चाइनीज समानों की भरमार

Diwali 2017: पीएम मोदी के अपील के बावजूद बाजरों में चाइनीज समानों की भरमार
Chinese product Diwali 2017

pallavi kumari | Publish: Oct, 18 2017 03:06:46 PM (IST) Bulandshahr, Uttar Pradesh, India

आम के पतों से लेकर, प्लास्टिक के गेंदों की फूल से सजेंगे इस बार घर

बुलंदशहर. यूं तो भारत में हर पर्व- त्योहार पर घरों की साफ-सफाई और सजाने का रिवाज है। लेकिन दिवाली पर घरों की खासतौर पर सफाई कर, रंगोली बनाने की भी एक अलग ही परंपरा है। दिवाली परंपरा और भारत की पहचान बन गई। अब तो विदेशों में भी दीपावली मनाई जाने लगी है। बदलते समय में दीपावली की परंपरा ने भी करवट ली है। अब मिट्टी के दीयों के बजाय 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' के सजावटी दीपकों ने स्थान ले लिया है। असली फूलों की जगह अब नकली फूलों के गेंदों की लड़ियों से जगह ले ली है। पीएम मोदी की अपील के बाद बजारों में इस दिवाली भी चीन के बने सजावटी समान और रंगोली मिल रहे हैं। दियों की जगह
सजावटी मोमबत्तियां भी बजार में बिकने लगी हैं।

बाजार में इस रेंज में उपलब्ध है सजावटी सामान

15 फुटा गेंदे की लड़ी- 450-750रु
फूलदान वाली फूल गुच्छा-50-900रु
एक पत्ती वाली गेंदा लड़ी- 20-30 रु
दो पत्ती वाली गेंदा की लड़ी-25-35 रु
फूलों का झालर- 50-500 रु

सजने लगी रेडिमेड रंगोली
दीपावली में घर के सामने या द्वार पर रंगोली सजाने की परंपरा है। अब बाजार में रेडिमेड रंगोली आ गई है। यह स्टीकर के फार्म में है। करना कुछ नहीं है, बस उसे घर के द्वार या सामने फ्लोर पर चिपका देना है। बाजार में 10 रुपये से 200 रुपये की रंगोली उपलब्ध है। दीपावली में घर के बाहर रस्सी में गुथे आम के पत्ते टांगने का रिवाज है। बाजार में प्लास्टिक के आम की पत्ती की लड़ी भी बिकने लगी है। इसकी कीमत 50-135 रुपये है।

तैरने वाली मोमबत्ती
मिट्टी के दिये की जगह बाजार में प्लास्टर ऑफ पेरिस, क्ले-मिट्टी के बने सजावटी दीप मिल रहे हैं। दीपक में नक्काशी, रंगों की सजावटी पुताई है। एक, दो, 21, 51 तक दीपों का सेट मिल रहा है। इसकी कीमत 20-100 रुपये तक है। पिछले वर्ष 120 रुपये किलो मोमबत्ती थी, अब 130-140 रुपये किलो हो गई है। विभिन्न आकार की मोमबत्तियां मिलने लगी है। पारंपरिक के बजाय फूलों के शक्ल में भी मोमबत्ती आ गई है, जो पानी में तैरती है और जलती रहती है। ऐसी भी मोमबत्तियां हैं जो दीपक की शक्ल में हैं, उसमें घी या तेल डालने का झंझट नहीं है। बस, जलाना भर है।

इलेक्टिक सजावट से पटा बाजार
अब लोग दीपक कम संख्या में खरीद रहे हैं। पांच, दस, पचास की तादाद में खरीदते हैं, वह भी सजावटी वाले। सजावट के लिए इलेक्ट्रिक डेकोरेशन का प्रचलन बढ़ गया है। घरों को बिजली की रोशनी से जगमगाने के लिए अलग-अलग रंग-आकार के इलेक्ट्रिक विद्युत लड़ियां बाजार में आ गई हैं। राइस बल्ब, बादाम बल्ब, म्यूजिकल बल्ब, इलेक्ट्रॉनिक पैटर्न बल्ब आदि की लड़ियां बाजार में आ गई हैं। इसकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है।

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