गाय के नाम पर जारी राजनीति से किसानोंं की बढ़ी ऐसी परेशानी कि योगी सरकार से कर दी यह बड़ी मांग

गो तस्करों के साथ ही दूध निकालकर गायों को आवारा छोड़ने वालों के खिलाफ भी की कार्रवाई की मांग

By: Iftekhar

Published: 30 Dec 2018, 07:33 PM IST

बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद कथित गोकशी को लेकर विवाद किसी से छिपी नहीं है। आए दिन कहीं न कही किसी को गोकशी के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है तो कहीं गो तस्करों का एनकाउंटर किया जाता है। यानी उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की सख्ती के बाद गोकशी पर तो लगाम लगी है, लेकिन प्रदेश में आवारा गो वंशों की बढ़ती संख्या ने किसानों का जीना मुश्किल कर दिया। आवारा पशुओं ने उनके खेत में लगी फसल को चट करना शुरू कर दिया है। इससे परेशान किसान अब दिन भर काम करने के बाद रातों को सो भी नहीं पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के थाना पहासू इलाके के गाँव नगला हरी सिंह में किसान आवारा गाय और सांडों से इस क़दर परेशान हैं कि इन आवारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए रातभर खेतों में रहकर पहरा लगा रहे हैं।

BIG NEWS: इन बैंकों ने अपने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, 31 दिसंबर के बाद भी चलेंगे बिना चिप वाले एटीएम कार्ड

ग्रामीणों का कहना है कि किसानों द्वारा लगाई गई फसल को आवारा पशु बेकार कर देते हैं, जिससे न सिर्फ किसान की कमर टूटती है, बल्कि वह कर्ज में भी दब जाता है। पशुओं के आतंक से दुखी किसान कहते हैं कि योगी सरकार अगर सरकार गो-तस्करी और गोकशी की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना चाहती हैं, तो शासन और प्रशासन को उन लोगों पर भी न सिर्फ नज़र रखनी होगी, बल्कि कार्रवाई भी करनी होगी, जो गाय से दूध निकालने के बाद गायों को आवारा छोड़ देते हैं। इस मामले में किसान महिंद्र ने बताया कि हम लोग आवारा पशुओं से बहुत परेशान हैं। हमारी फसलें आवारा पशु बर्बाद कर देते हैं। इसलिए हम रात को पहरा दे रहे हैं। हालात ये है कि सर्दी की सर्द और धुन्ध भरी रात में भी खेतों में शोर-शराबा रहता है। हाथों में लाठी लेकर यहां के किसान जो शोर करके खेतों में पहरा दे रहे हैं। ये किसान किसी जंगली जानवर को पकड़ने नहीं, बल्कि सर्दी की सर्द रात में ये किसान यहां सिर्फ इसलिए आए हैं, ताकि आवारा पशुओं से अपनी फसल को बचाया सकें।

Show More
Iftekhar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned