मोदी सरकार के इस नए कानून से 70 फीसदी बर्बाद हो गया ये कारोबार

भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून का डंडा ऐसा चला कि पैठ अब उजड़ने के कगार पर पहुंचने लगी है

बुलंदशहर। अवैध पशु वध पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा पशु धन बाजार विनियमन कानून लागू करने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पशु पैठ में पशुओं की खरीद-फरोख्त में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। पशु पैठ में आए अधिकांश पशु व्यापारी व किसान कानून के तहत क्रेता-विक्रेता द्वारा शपथ पत्र, आधारकार्ड व प्रमाण पत्र उपलब्ध न होने के कारण बैरंग लौट गए।

गुलावठी में सोमवार को लगने वाली साप्ताहिक पशु पैठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बडी पशु पैठ है। इस पैठ में यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों के व्यापारी पशुओं की खरीद-फरोख्त करने आते हैं। लगभग छह दशक पुरानी पशु पैठ पर भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून का डंडा ऐसा चला कि पैठ अब उजड़ने के कगार पर पहुंचने लगी है। नये कानून के अनुसार पशु क्रेता-विक्रता को अपना आधार कार्ड, पशु को 6 माह तक अपने पास रखने व पालने का शपथपत्र आदि देने के बाद ही पैठ संचालकों द्वारा हुलिया बनाए जाने की अनिवार्यता लागू की गई है, लेकिन इस कानून के कारण अब पशु व्यापारी व किसानों को पशुओं की खरीद-फरोख्त में परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।

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पशु व्यापारी बोले

बागपत के मंडपा गांव से आए पशु व्यापारी निसार अहमद, औलेढा निवासी बीरबल, ईसापुर निवासी ईहाद, हरियाणा निवासी सुरेन्द्र सिंह आदि पैठ में तो आये मगर माथा पकड़कर सिर्फ इसीलिए बैठ गए क्योंकि नये कानून के तहत इनके पशु नहीं बिक सके। पशु व्यापारियों के पास न तो आधार कार्ड था और न ही शपथपत्र। पशु व्यापारियों की मानें तो नियमानुसार खरीद-फरोख्त न होने से रास्ते में पुलिस परेशान करती है। ऐसे में पशुओं को वाहनों में लादलकर आवागमन करना बड़ा ही मुश्किल है।

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कई दशक से लग रही पैठ


वहीं, सलीम अहमद व तबस्सुम इरफान पशु पैठ संचालकों की मानें तो देश के आजाद होने के बाद गुलावठी में वजीउददीन मौहम्मद अहमद ने पशु पैठ शुरू की थी। इसका संचालन अब वजीउद्दीन के वंशज सलीम अहमद, मेहताब, फजीउददीन व तब्बसुम इरफान संयुक्त रूप से करते हैं। पशु पैठ लगभग 40-50 बीघा भूमि पर लगती है। भाजपा सरकार से पूर्व लगभग 3-4 हजार पशुओं की पैठ में खरीद-फरोख्त होती थी, लेकिन पहले स्‍लॉटर हाउस बंद कर दिए गए और अब पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए आधार कार्ड व शपथपत्र आदि का कानून बनाने से पैठ बाजार लगभग 70 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। सरकार को किसानों व पशु व्यापारियों के हितार्थ कानून में संशोधन करना चाहिए।

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क्‍या बोले अधिकारी


बुलन्दशहर के सीवीओ डाॅ. केपी वार्ष्‍णेय ने बताया कि पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 के बाद पशु धन बाजार विनिमय कानून 2017 का राजपत्र जारी हो चुका है, जिसमें अवैध पशु वध को रोकने के लिए कानून बनाया गया है। कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा तथा पशु व्यापारियों एवं पशु पैठ संचालकों की समस्याओं के लिए पशु पैठ बाजार समिति जनपद स्तर पर बनेगी। हालांकि, 23 मई 2017 को आये नये राजपत्र के बाद पशु पैठों में पशुओं की खरीद फरोख्त में भारी गिरावट हुई है।
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