तीन तलाक पर फैसला आज: पीड़िताओं ने कहा- भारत में लागू हो भारत का कानून, शरीयत का नहीं

तीन तलाक पीड़िताओं की कहानी उन्हीं की जुबानी

By: lokesh verma

Published: 22 Aug 2017, 09:21 AM IST

बुलंदशहर. तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाने वाली है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि तीन तलाक को खत्‍म कर देना चाहिए। उनका कहना है कि महिलाओं को तलाक लेने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है, जबकि पुरुषों को मनमाना हक दिया गया है। यह गैरकानूनी और असंवैधानिक है। भारत में भारत का कानून लागू हो, न की शरीयत का कानून।

बुलंदशहर के सिकंदराबाद की रहने वाली शायदा परवीन, शबनम और फरजाना सहित तीन तलाक से कितनी ही महिलाएं पीड़ित हैं और अपने पिता के घर आकर रह रही हैं। शायदा परवीन का निकाह 2005 में बिलासपुर के रहने वाले रहीमुद्दीन के साथ हुआ था। शायदा की एक बेटी भी है। रहीमुद्दीन ने तीन बार तलाक कहकर शायदा परवीन को घर से निकाल दिया था। शायदा तब से अपने पिता के घर रह रही है।

इसी तरह शबनम का निकाह 2008 में अलीगढ़ के रहने वाले चांद मौहम्मद के साथ हुआ था। निकाह के तीन महीने बाद ही उसे तीन तलाक दे दिया गया। इसके बाद शबनम अलीगढ़ जाकर अपने पति के घर के बाहर बैठ गई थी। फिलहाल शबनम अपने पिता के पास सिकंद्राबाद में रह रही है।

वहीं फरजाना का निकाह 2012 में नोएडा के कासना निवासी मौ. कादिर से हुआ था। कादिर ने मामूली बात पर फरजाना को तीन तलाक दे दिया। फिलहाल फरजाना भी अपने पिता के घर सिकंद्राबाद में रह रही है।

इन तीन तलाक पीड़ित महिलाओं का कहना हैं कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी खराब हो रही है। लोगों ने तीन तलाक को खेल समझ रखा है, ये खत्म होना चाहिए।

जिले में दो सौ से ज्यादा तीन तलाक पीड़िता

जनपद में करीब 200 ज्यादा तीन तलाक पीड़ित गुरबत की जिंदगी में जीवन-यापन करने को मजबूर हैं। आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इस पर मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि तीन तलाक को खत्म कर देना चाहिए। उनका कहना है कि महिलाओं को तलाक लेने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है, जबकि पुरुषों को मनमाना हक दिया गया है। यह गैरकानूनी और असंवैधानिक है। भारत में भारत का कानून लागू हो, न कि शरीयत का कानून। इन महिलाओं का कहना है कि जब मुस्लिम देशों में शरीयत का कानून लागू नहीं होता तो भारत में क्यों। उन्होंने कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी खराब हो रही है। लोगों ने तीन तलाक को खेल समझ रखा हैं, ये खत्म होना चाहिए।

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