इन किसानों को 80 और 90 फीसदी सब्सिडी देगी योगी सरकार

sharad asthana | Publish: Sep, 10 2018 04:37:53 PM (IST) Bulandshahr, Uttar Pradesh, India

उत्‍तर प्रदेश के 40 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 26 जिले अतिसंवेदनशील और 19 संवेदनशील हैं।

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में भी अब इजराइल की तरह टपक पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए तमाम तरह की जरूरतों को समझने के बाद सीमांत और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी और प्रदेश के बड़े किसानों को 80 फ़ीसदी सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी। प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। उन पर निगरानी रखी जा रही है।

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40 जिले हैं बाढ़ से प्रभावित

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के 40 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 26 जिले अतिसंवेदनशील और 19 संवेदनशील हैं। बुलंदशहर संवेदनशील श्रेणी में आता है। जिले के स्याना तहसील के आठ गांव, अनूपशहर में 12 गांव और डिबाई तहसील का एक गांव ऐसा है, जहां बाढ़ का खतरा बना रहता है। नदियों के किनारे स्‍िथत गांव पर ध्यान दिया जा रहा है। जिन किसानों की फसलें प्रदेश भर में प्रभावित हुई हैं, उनका सर्वे कराने के लिए डीएम को निर्देश जारी किए गए हैं। जल्द ही किसानों की फसलों का सर्वे कराने के बाद उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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मतदाता सूची बन रही है

इस मौके पर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बाढ़ चौकियों भी खोल दी गई हैं। उन्‍होंने कहा कि 'जल पर जनता का अधिकार' नाम से एक नई पद्धति की शुरुआत होने जा रही है। इसके लिए जल प्रबंधन समितियों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें रजवाहा समिति, कुलावा समिति और अल्टिका समिति शामिल हैं। तीनों की मतदाता सूची बन रही है। मंत्री ने बताया कि इसके मतदाता वे होंगे, जो नहरों से पानी लेकर सिंचाई करते हैं।

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इजराइल तरह लागू होगी टपक पद्धति

एक नई पद्धति के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि इजराइल की तरह वह प्रदेश में भी टपक पद्धति के जरिए खेती को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इसके लिए सीमांत और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी और प्रदेश के बड़े किसानों को 80 फीसदी अनुदान राशि मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है।

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