ठगी रह गई छोटीकाशी, लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी

abhishek jain

Publish: Sep, 17 2017 06:26:34 (IST)

Bundi, Rajasthan, India
ठगी रह गई छोटीकाशी, लोगों की उम्मीदों पर फिरा पानी

मुख्यमंत्री का बूंदी का तीन दिवसीय दौरे पूरा होते ही लोगों की उम्मीद टूट गई की सरकार उनके लिए कुछ सौगात लाई है।

बूंदी. मुख्यमंत्री का तीन दिन का दौरा पूरा होने के साथ ही बूंदी के लोगों की यह उम्मीद भी टूट गई कि सरकार उनके द्वार आई है जरूर कोई बड़ी घोषणा होगी। दरअसल यह पहला मौका था जब बूंदी किसी मुख्यमंत्री ने तीन दिन का प्रवास किया। लिहाजा जिले के लोगों को यही उम्मीद थी कि विकास में पिछड़े बूंदी की अब बड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

नई घोषणाओं से विकास को गति मिलेगी। जब शाम साढ़े पांच बजे यह पता चला कि फिलहाल बूंदी के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है तो लोग मायूस हो गए। अब भाजपा नेताओं का तर्क है कि श्राद्ध पक्ष होने की वजह से कोई घोषणा नहीं की गई।

यह थी सरकार से उम्मीदें
1. बूंदी शहर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी।
2.बूंदी जिले के 11 गांवों को कोटा यूआईटी में शामिल करने का निर्णय निरस्त होगा।
3.जिला चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया जाएगा।
4.केशवरायपाटन शुगर मिल परिसर में एक हजार मेगावाट का विद्युत घर बनेगा।
5. गरड़दा बांध का पुनर्निर्माण शुरू कराया जाएगा।
6 . सथूर एवं बड़ानयागांव लघु सिंचाई परियोजना की शुरुआत होगी।
7. जिन सड़कों को लेकर खुद सीएम व मंत्री नाराजगी जाहिर कर रहे थे उनकी दशा सुधारने के लिए बजट दिया जाएगा।
8 . बूंदी का बस स्टैंड कृषि उपज मंडी में शिफ्ट करने की घोषणा की जाएगी, जिससे शहर को बढ़ते यातायात दबाव से मुक्ति मिल सके।
9.कुंवारती का बरड़ा में बनी कृषि उपज मंडी की इसी सीजन में शुरुआत करने की घोषणा की जाएगी।
10. नैनवां के बीएजेएम कॉलेज को सरकारी होने का दर्जा मिलेगा।

आमजन की जुबानी...
राकेश वर्मा का कहना है कि बूंदी में पहली बार मुख्यमंत्री तीन बार रही। कई उम्मीदें थी, कुछ नहीं मिला तो बड़ी निराशा हुई। सरकार ने धोखा दिया।
विजय सिंह का कहना है कि अपनी पीड़ा लेकर आई थी, लेकिन सीएम से मिलने ही नहीं दिया। गेट पर पुलिस का पहरा रहा।
मदनमोहन वर्मा का कहना है कि सड़कों की दशा किसी से छिपी हुई नहीं है। केबिनेट मंत्री ने भी सड़कों की दशा को लेकर बैठक में नाराजगी जाहिर की थी, बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजेश बिड़ला का कहना है कि सोलह दिन से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की दमनकारी नीतियों के आगे एक नहीं चली। प्रदेश की सीएम महिला होने के बाद भी महिलाओं की सुनवाई नहीं हुई।

अधिकारी नहीं दिखे कतई गंभीर
सीएम के तीन दिवसीय दौरे को लेकर अधिकारी कतई गंभीर नजर नहीं आए। औचक निरीक्षण की घोषणा के बाद भी अधिकारियों ने सड़कों की दशा नहीं सुधारी। स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका मिला। साढ़े पांच करोड़ की लागत से बनी पुलिया भी दो माह में ही क्षतिग्रस्त नजर आई। अधिकारियों के गंभीर नहीं होने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अंतिम दिन हुई बैठक में गहरी नाराजगी जाहिर की। सुधार के निर्देश दिए बताए।

श्राद्ध पक्ष है
बूंदी प्रभारी मंत्री श्रीचंद कृपलानी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कहा की अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है। सभी जनप्रतिनिधि मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके बाद बजट में सौगातें मिलेंगी।

...तो बुलेट ट्रेन क्यों?
पूर्वमंत्री हरिमोहन शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री का तीन दिवसीय दौरा फेल रहा। उम्मीद थी वह विकास की नई योजनाओं की घोषणा करेंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। एक और श्राद्ध पक्ष में प्रधानमंत्री बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर रहे हैं, वहीं बूंदी के मामले में श्राद्ध पक्ष का बहाना बनाया जा रहा है।

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