बूंदी. बूंदी जिले में अमृतं जलम् अभियान का श्रीगणेश रविवार को हुआ। सुबह ही बड़ी संख्या में लोग कुंड-बावडिय़ां और झीलों पर पहुंचे और इन पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने के भागीरथी प्रयास शुरू हुए। लोगों का उत्साह देखते ही बना। ग्रामीण महिलाएं गीत गाते हुए श्रमदान करने पहुंची।हिण्डोली उपखंड के धनावा गांव की ऐतिहासिक बावड़ी में जिला स्तरीय श्रमदान शुरू हुआ। यहां ग्रामीण परंपरा के अनुसार कलश बंधाकर अभियान की शुरुआत की गई।बावड़ी में बड़ी संख्या में लोग जुटे और जमा कचरे व मिट्टी को बाहर निकाला। इसी प्रकार नैनवां उपखंड के सुवानिया गांव की बावड़ी में श्रमदान किया गया। यहां बड़ी संख्या में युवा श्रमदान करने में जुटे। नमाना की गौरतलाई, कापरेन के महादेव कुंड, गोठड़ा में पनघट की बावड़ी, पेचकी बावड़ी में बाग की बावड़ी और भंड़ेड़ा के महादेव का कुंड में अमृतं जलम् अभियान के तहत श्रमदान किया गया। कुंड-बावडिय़ों से जैसे ही मिट्टी की तगारियां बाहर निकलती दिखी लोगों का जोश दोगुना हो गया।

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