बांध का पानी नदियों में छोड़ा, पेयजल संकट से मिलेगी निजात

pankaj joshi

Updated: 11 Feb 2019, 09:25:43 PM (IST)

Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बड़ानयागांव. क्षेत्र के गुढाबांध के रिजर्व पानी को सोमवार शाम को जल संसाधन विभाग ने बायीं और दायीं नहर के माध्यम से सूखी पड़ी मेज व चंद्रभागा नदी में छोड़ दिया।विरोध कर रहे किसानों को प्रशासनिक अधिकारियों ने राजी कर लिया।
इससे क्षेत्र के गांवों में भू-जल रिचार्ज होने से आने वाले दिनों में पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी। इस बार क्षेत्र में बरसात कम होने से बांध में पानी की आवक कम हो पाई थी।इन दिनों भूजल स्तर में गिरावट होने से कुएं और नलकूपों का पानी रीत गया। ग्रामीण कई दिनों से बांध का पानी नदी में छोडऩे की मांग कर रहे थे। जलदाय विभाग ने भी इस मामले में पत्र लिखा था, जिस पर कलक्टर ने पानी नदियों में छोडऩे पर सहमति जता दी। बांध पर जल प्रवाह के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता आर.के. पाटनी, सहायक अभियंता जम्मू कुमार जैन, कनिष्ठ अभियंता बी.एल. मीणा, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता घनश्याम कलवार मौजूद रहे।
माइनरों को बंद किया, कर्मचारी तैनात
पानी नहरों के माध्यम से नदियों में छोडऩे से पहले दोनों नहरों के माइनर व नहरों पर लगे पाइप को बंद करवा दिया। माइनरों पर जल संसाधन, जलदाय विभाग के कर्मचारियों के साथ होमगार्ड तैनात किए गए।जो दिनरात पानी की सुरक्षा करेंगे।
विरोध के बाद छोड़ा दायीं नहर में पानी
बांध का पानी पहले बायीं नहर में ही छोड़ा जाना था, लेकिन सोमवार सुबह बांध पर जल संसाधन विभाग व जलदाय विभाग के अधिकारी पानी छोडऩे पहुंचे तो सथूर-बड़ौदिया क्षेत्र के किसान भी पहुंच गए। उन्होंने इस निर्णय का विरोध किया। तब दायीं मुख्य नहर में भी पानी छोड़ा गया। यहां तहसीलदार भावना सिंह ने किसानों के साथ समझाइश की।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned