#bharat band: एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में बूंदी जिले में भी रहा बंद का व्यापक असर...

#bharat band: एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में बूंदी जिले में भी रहा बंद का व्यापक असर...

Suraksha Rajora | Publish: Sep, 06 2018 02:54:46 PM (IST) Bundi, Rajasthan, India

एससी एसटी कानून में केंद्र सरकार ने संशोधन किया है वो गले की फांस बन गया है। इसका व्यापक स्तर पर असर भी दिखाई दिया।

बूंदी. अब तक सामान्य वर्ग को राजनीतिक दल केवल चुनाव के दौरान ही याद करते थे। जब से एससी एसटी कानून में केंद्र सरकार ने संशोधन किया है वो गले की फांस बन गया है। इसका व्यापक स्तर पर असर भी दिखाई दिया। हालात यह बन गए कि अब सामान्य और पिछड़ा वर्ग इसके विरोध में सड़क पर उतर आया। इस निर्णय से अब केंद्र और प्रदेश सरकार के सामने 'न निगलते बन रहा और न उगलते' जैसे स्थिति निर्मित हो गई है।

 

 

इस वर्ग ने भी किया पूर्ण समर्थन


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से बदलने पर इसकी देशभर में व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है। गुरुवार को काले कानून को लेकर भारत बंद का आह्वान किया गया। बूंदी जिले में भी बंद रखा गया। यहां तक कि दिहाड़ी मजदूरी करने पेट पालने वाले क्या चायवाला हो या गुमटी संचालक केंद्र सरकार द्वारा एससी एसटी एक्ट में किए बदलाव के विरोध में खड़ा दिखाई दिया। बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। कहीं से कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होने की सूचना नहीं मिली।

 

 

करवर में एससी एसटी एक्ट के विरोध में बंद के दौरान बाजार सुना रहा लोगों ने सड़कों पर उतर कर बंद के समर्थन में रैली निकाली

 

 

चाय नाश्ता तक को तरस गए लोग


भारत बंद के समर्थन में जिले में बंद के दौरान लोग सुबह सुबह चाय नाश्ते तक को तरस गए। एक भी गुमटी या चाय नाश्ते की दुकान नहीं खुली। सर्व समाज की और से पूर्व में ही चेतावनी दे दी गई थी। पुलिस प्रशासन भी बंद के चलते पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। चप्पे चप्पे पर माकूल पुलिस बल तैनात रहा। पेट्रोल पम्प संचालकों ने भी बंद का समर्थन किया।

 

 

देई कसबे में गुरुवार को सवर्ण ओबीसी द्वारा बंद का आवाहन पर दुकाने स्वतः ही बंद रही गठित संघर्ष समिति ने सुबह जुलुस निकाला और लोगो ने एक्ट को काळा कानून के समान बताया

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