हरियाली के जिम्मेदार रखवाले मौन, जंगलों में चल रही बेधडक़ आरी, काट रहे खेर के पेड़

Narendra Agarwal | Updated: 18 Jul 2019, 01:06:25 PM (IST) Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बसोली व खीण्या के वन्यजीव क्षेत्र, चरागाह व सिवायचक भूमि पर इन दिनों जमकर आरी चल रही है।

बूंदी. बसोली. बसोली व खीण्या के वन्यजीव क्षेत्र, चरागाह व सिवायचक भूमि पर इन दिनों जमकर आरी चल रही है। वो भी खेर के बहुउपयोगी व कीमती पेड़ों पर। यहां के जंगल में भरे कीमती पेड़ों के खजाने को गुपचुप काटकर लगातार तस्करी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जंगलों में भरे पड़े खेर के कीमती पेड़ों का अस्तित्व अब खतरे में आ चुका है। बुधवार को राजस्थान पत्रिका टीम ने बसोली व खीण्या के जंगल में करीब पंद्रह से बीस किलोमीटर घूमकर पड़ताल की तो सच्चाई खुलकर सामने आ गई। हालात यह है कि वन विभाग व राजस्व विभाग खेर के पेड़ों की कटाई को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। खुलेआम जंगल में दिन व रात के समय पेड़ों की कटाई हो रही है, लेकिन सख्त कार्रवाई करने के बजाए जिम्मेदार आंखें बंद किए बैठे हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार बीते दो माह से इलाके में खेर के पेड़ों की कटाई का कार्य चल रहा है। लोगों ने वन, सिवायचक व चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर लिया। अब जमीन को समतल करने के बहाने खेर के पेड़ों की कटाई की जा रही है। खेर के पेड़ काटने का सिलसिला बसोली क्षेत्र के मरडिया, जाखोली, रामतहताई सहित अन्य गांवों में लोग खेर के पेड़ों की कटाई करने में लगे हुए हैं।
मशीन से कर रहे कटाई
जोगणिया कुंड प्लांटेशन के यहां जाकर देखा तो खेर के पेड़ों की कटाई साफ नजर आ गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि यहां पर पेड़ों की कटाई मशीनों से की गई है। मशीनों से झटपट पेड़ को काटकर ले जाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गत दिनों रात के समय पेड़ों को काटकर ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर बाहर ले गए थे। बाद में वन विभाग ने बसोली के निकट उसे जब्त किया था।

भीलवाड़ा क्षेत्र का गिरोह सक्रिय
खेर के वृक्ष को जंगली वृक्ष माना जाता है। इस वृक्ष की लकड़ी की छाल का उपयोग बीमारियों के लिए किया जाता है। इसका कत्था भी बनता है, जिसकी काफी मांग रहती है। खेर की लकड़ी की बाजार में काफी अधिक मांग है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार खेर की लकड़ी का व्यापार करने वाला गिरोह भीलवाड़ा क्षेत्र का है। जो बसोली क्षेत्र के आस-पास स्थित वन क्षेत्र, चरागाह व सिवायचक भूमि से पेड़ों की कटाई कर चोरी छिपे अवैध कारोबार कर रहा है। गिरोह के लोग स्थानीय लोगों को लालच देकर भी पेड़ों की कटाई का कार्य कर रहे हैं।

कौन करे पर्दाफाश, अनदेखी बरकरार
वन विभाग ने हाल ही में खेर के पेड़ों की कटाई के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। पूर्व में ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ भी एक जने को पकड़ा था। लेकिन विभाग की प्रक्रिया के बाद लोगों को छोड़ दिया जाता है। जबकि वन विभाग की जिम्मेदारी है कि पकड़े गए लोगों से सख्त पूछताछ करे। ताकि यह पता चले कि कौन लोग पेड़ों को खरीद रहे हैं। गिरोह का पता लगाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पूरे मामले में अनदेखी बरत रहे हैं।

पेड़ काटने वालों पर होगी कार्रवाई
जिला कलक्टर के निर्देश पर मौके पर जाकर खेर के कटे हुए पेड़ों की जानकारी ली थी। आस पास घना जंगल है। अब राजस्व व वन विभाग की भूमि का फैसला तो जांच के बाद ही होगा। काटे गए पेड़ों की राजस्व विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। जिन लोगों ने पेड़ काटे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग को क्षेत्र में गश्त करने व कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए हैं।
मुकेश चौधरी, उपखण्ड अधिकारी हिण्डोली

कर दिया हाई अलर्ट
खेर की लकड़ी का गिरोह सक्रिय है, जिसे नष्ट करना जरूरी है। आबू रोड पर भी खेर की लकड़ी का एक ट्रक पकड़ा है। भीलवाड़ा स्टॉफ को इस मामले में सूचित कर दिया है। जिले में हाई अलर्ट कर दिया है। पूरे एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। कोई भी लकड़ी के साथ मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सतीश जैन, उप वन संरक्षक बूंदी

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