बूंदी के इस जहाज में एक और छेद, सरकार ने नहीं संभाला तो डूब जाएगा...आखिर क्यों हुए ऐसे हाल...

घाटे से जूझ रही राजस्थान रोडवेज को एक ओर झटका लगा है। अब यह झटका फाइनेंस कम्पनी ने दिया है।

By: pankaj joshi

Published: 19 Jan 2019, 12:58 PM IST

Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बूंदी. घाटे से जूझ रही राजस्थान रोडवेज को एक ओर झटका लगा है। अब यह झटका फाइनेंस कम्पनी ने दिया है। अनुबंधित बसों की किश्त नहीं चुकाने पर बूंदी आगार की १० अनुबंधित की बसों को कम्पनी ने जब्त कर लिया है। जिसके चलते कई रुटों पर बसों का संचालन बंद हो गया है। वर्तमान में बूंदी आगार के
पास ७३ बसें ही संचालित है, जो भी तय रूट पर ही चलाई जा रही है।
बूंदी आगार को बीते पांच वर्षों में एक भी नई बस नहीं मिली। जबकि पुरानी बसें पहले से ही मुसीबत बनी हुई है।इससे निजात पाने के लिए रोडवेज ने अनुबंधित बसों को लगा रखा था, लेकिन अब यह बसें भी रोडवेज से छिन गई है। अनुबंधित बसों का आगार ने समय पर भुगतान नहीं किया जिसके चलते फाइनेंस कम्पनी को बस की किश्त जमा नहीं हो सकी। फाइनेंस कम्पनी ने बसों को जब्त करना शुरू कर दिया। इनमें से बूंदी आगार की १० बसें जब्त हुई है।
रूट संचालन में बनी परेशानी
वर्तमान में बूंदी आगार के पास ७३ बसे हैं। ऐसे में एकाएक बसों के कम होने से रोडवेज को रूट संचालन में परेशानी आ रही है। इस संचालित बसों में से भी कुछ बसे खटारा हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए रोडवेज ने अपनी वर्तमान में संचालित बसों के मार्गों में कमी कर अन्य स्थानों के लिए बसें संचालित कर रहा है।
इन रूटों का संचालन हुआ बंद
बूंदी आगार की कुल १७ अनुबंधित बसों का संचालन बंद हुए। इनमें ४ जयपुर, २ जोधपुर, २ जरखोदा, ३ बुराहनुपरा-५२ गजा (एमपी), १ अजमेर, २ नैनवां, १ नैनवां वाया जयपुर, १ डाबी व १ चौतरा का खेड़ा मार्गों पर चलती थी। जो बंद हो गई।
तीन बार लिखा पत्र नहीं मिला जवाब
बूंदी आगार ने रोडवेज मुख्यालय को नई बसों को लेकर तीन बार पत्र लिखा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने से बसों के संचालन में परेशानी बनी हुई है। ऐसे में बूंदी डिपो ने अनुबंधित बसें बंद होने की जानकारी भी मुख्यालय को दे दी है। अब नई बसों की आस के बाद ही नए रूट शुरू हो सकेंगे।

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