पर्यूषण पर्व के आखिरी दिन संवत्सरी पर्व पर अक्षय निधि तपस्या

श्वेताम्बर जैन मूर्तिपूजक संघ की श्राविकों की ओर से पर्यूषण पर्व के आखिरी दिन संवत्सरी पर्व पर होने वाली अक्षय निधि तपस्या की शनिवार को पूर्णाहुति हुई।

By: Narendra Agarwal

Published: 23 Aug 2020, 12:28 PM IST

बूंदी. श्वेताम्बर जैन मूर्तिपूजक संघ की श्राविकों की ओर से पर्यूषण पर्व के आखिरी दिन संवत्सरी पर्व पर होने वाली अक्षय निधि तपस्या की शनिवार को पूर्णाहुति हुई। इस तपस्या में 15 दिन तक एकासन एवं संवत्सरी के दिन उपवास कर इसे पूर्ण किया गया।
इस मौके पर समाज की महिलाओं की ओर से कलश की फेरियां लगाकर पूर्णाहुति की गई। संवत्सरी एवं गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में समाज के श्रावक-श्राविका की ओर से उपवास एवं एकासन किया गया। अक्षय निधि करने वालों में शकुंतला भंडारी, शकुंतला छाजेड़, प्रमिला छाजेड़, अंशुल भंडारी, विद्या भंडारी, विनीत छाजेड़, उर्मिला भंडारी, अनिता जैन, शशि चौधरी आदि शामिल रही। तपस्वी गुलाब भाई भंडारी के 21वां वर्षी तप के दौरान इन पोजीशन में 8 दिन के उपवास की तपस्या जारी रही। इस मौके पर समाज के छोटे बच्चों की ओर से भी एकासन रखा गया। इस दौरान समाज के अध्यक्ष प्रकाश भंडारी, विमल भंडारी, रमेश जैन, उत्तम छाजेड़, आदित्य भंडारी आदि
मौजूद थे।
जैन समाज के पर्यूषण पर्व आज से
बूंदी. जैन समाज के पर्यूषण (दशलक्षण) पर्व रविवार से जिलेभर में शुरू होंगे। कोरोना महामारी के चलते मंदिर में होने वाले सभी कार्यक्रम निरस्त रहेंगे। इस बार घरों में ही समाज के लोग पर्यूषण पर्व मनाएंगे। घर में रहकर महिला-पुरुष पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही व्रत उपवास भी शुरू हो जाएंगे। इधर, चौगान जैन मंदिर में रात में होने वाले 10 दिवसीय कार्यक्रम कोरोना महामारी के चलते पूर्व में ही निरस्त कर दिए। ऐसे में आगामी 10 दिनों तक घरों में रहकर ही भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना की जा सकेगी। मुनि व्यवस्था समिति के संयोजक सुरेंद्र छाबड़ा ने बताया कि महिला मंडल की ओर से रविवार दोपहर को ऑनलाइन जैन धर्म पर आधारित धार्मिक तम्बोला प्रतियोगिता होगी।

Narendra Agarwal Desk
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