बैड फुल, मरीज सीढिय़ों पर पड़े, गिड़गिड़ा रहे परिजन

जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बेकाबू हो रही। अस्पताल फुल होने के बाद नए मरीज भर्ती नहीं हो रहे। सोमवार को जिले में फिर 148 जने पॉजिटिव मिले। हालांकि 134 जने पॉजिटिव से नेगेटिव भी हुए।

By: pankaj joshi

Published: 04 May 2021, 09:11 PM IST

बैड फुल, मरीज सीढिय़ों पर पड़े, गिड़गिड़ा रहे परिजन
9 जनों का टूटा दम, बूंदी जिला चिकित्सालय में नहीं सुधर रहे हाल
कोरोना संक्रमण हो रहा बेकाबू, 148 जने फिर मिले संक्रमित, 134 जने हुए ठीक
बूंदी. जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बेकाबू हो रही। अस्पताल फुल होने के बाद नए मरीज भर्ती नहीं हो रहे। सोमवार को जिले में फिर 148 जने पॉजिटिव मिले। हालांकि 134 जने पॉजिटिव से नेगेटिव भी हुए। लगातार बढ़ती संक्रमितों की संख्या ने मानों रुला कर रख दिया। बूंदी के चिकित्सालय में सोमवार को 9 जनों की मौत हो गई। इनका अलग-अलग वार्ड में इलाज चल रहा था। इनमें से 4 जनों का बूंदी के रोटरी मुक्तिधाम में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कराया गया। जिला चिकित्सालय में दिनों दिन बिगड़ते हालातों से अब हर कोई सरकार और जिम्मेदारों को कोस रहा। सोमवार को जिला चिकित्सालय में कई मरीजों के परिजन भर्ती कराने के लिए गिड़गिड़ाते दिखाई पड़े। अब ऐसे लोगों की यहां सुनने वाला भी कोई नहीं दिख रहा।
सामान्य व्यक्ति के लिए नो-एंट्री का बोर्ड
सामजिक कार्यकर्ता अशोक जैन ने जिला चिकित्सालय प्रशासन पर अनदेखी को आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय प्रशासन अब प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं के दबाव में आ गया। इसी का परिणाम रहा कि सामान्य व्यक्ति के लिए नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को एक महिला को तालेड़ा से बूंदी रैफर किया था। उसे सांस में रुकावट हो रही थी। उसे यहां भर्ती नहीं किया गया और बाहर ही तड़पती रही। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने बैड नहीं होने की बात कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। 10 मिनट बाद ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आया और उस मरीज को बैड मिल गया। उसका इलाज चालू हो गया। इससे उसकी जान बच गई, लेकिन चिकित्सालय प्रशासन के दबाव में काम करन की पोल खुल गई। जैन ने कहा कि ऐसे में चिकित्सालय प्रशासन को पारदर्शिता बरते हुए व्यवहार करना चाहिए।
200 बैड का नया कोविड सेंटर बनाओ
भाजपा नेता रूपेश शर्मा ने जिला प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि तुरंत प्रभाव से 200 बैड का नया कोविड सेंटर बनाओ। जिससे कि लोगों को इलाज के लिए मारा-मारा नहीं फिरना पड़े। चिकित्सालय की सीढिय़ों पर इलाज के अभाव में किसी को दम नहीं तोडऩा पड़े। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी इस महामारी में लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए काम करें। हायर सैकण्डरी स्कूल और महारानी स्कूल के भवन को इसके लिए तुरंत प्रभाव से काम में लें।
संक्रमितों को खुले में घूमने से रोको
नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी ने संभागीय आयुक्त को पत्र भेजा, जिसमें बताया कि पिछले वर्ष बूंदी ग्रीन जोन में रहा था। इस साल हालात यह हो गए कि मरीजों को ऑक्सीजन तक नहीं मिल रही। संक्रमित हो चुके लोग खुले में घूम रहे, उन्हें कोई नहीं टोक रहा। संक्रमितों के परिवारजनों के सेंपल लेने टीमें नहीं जा रही। जो संक्रमित मिल रहे उन्हें दवाइयां नहीं मिल रही। यहां तक कि जिला चिकित्सालय के जांच केंद्र में अब जांच किट तक खत्म होने की जानकारी मिल रही। ऐसे हालातों को देखते हुए हम इस महामारी से कैसे जीत पाएंगे। उन्होंने बूंदी की चिकित्सा व्यवस्थाओं को देखने के लिए प्रशासक लगाने की मांग रखी।
बाजारों में पहुंचे अधिकारी, दिखाई सख्ती
जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने लिया जायजा
बूंदी. कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार की ओर से घोषित ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा’ की पालना को लेकर सोमवार को जिला कलक्टर आशीष गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासन एवं पुलिस की टीम ने शहर के दौरा किया। इस दौरान बेवजह बाजार में घूम रहे लोगों को क्वारंटाइन करने की कार्रवाई की गई। साथ ही अनुमत गतिविधियों के अलावा खुलने वाले प्रतिष्ठानों एवं दुकानों को बंद करवाया गया।
जिला कलक्टर कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पखवाड़े की सख्ती से पालना की जाए। अन्यंत आवश्यक कार्य अथवा मेडिकल इमरजेंसी होने पर ही घरों से बाहर निकले। जरूरत की चीजें आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में खरीदे, ताकि बार-बार बाहर नहीं जाने पड़े। आवश्यक कार्यवश घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग करें और ज्यादा भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचे। स्वयं सख्त अनुशासन अपनाते हुए कोरोना संक्रमण की चैन तोडने में भागीदार बनें।

pankaj joshi Photographer
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned