सरकारी भवनों को सारसम्भाल की दरकार

कस्बे में जल संसाधन विभाग कार्यालय परिसर में बने गुढा बांध के जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों के कक्ष लावारिस हाल में है। इन कक्षों की सुध नहीं ली जा रही है।

By: Narendra Agarwal

Published: 27 Nov 2019, 12:46 PM IST

हिण्डोली. कस्बे में जल संसाधन विभाग कार्यालय परिसर में बने गुढा बांध के जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों के कक्ष लावारिस हाल में है। इन कक्षों की सुध नहीं ली जा रही है। जानकारी के अनुसार करीब 10 साल पहले गुढ़ा बांध की नहरों के 19 जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों के लिए सरकार ने 19 कक्षों का निर्माण करवाया था। अध्यक्षों को सुपुर्द करने के बाद करोड़ों रुपए के कक्षों की सार सम्भाल नहीं की गई। कोई उपयोग नहीं होने से भवन जर्जर होते चले गए। कस्बे में जल संसाधन विभाग के प्रोजेक्ट कार्यालय की दशा भी खराब है। यहां पर कनिष्ठ अभियंता आवास भी है, लेकिन उसमें कनिष्ठ अभियंता नहीं रहते हैं। जिससे भवनों की दुर्दशा हो रही है।
जल संसाधन विभाग कोटा के अधीक्षण अभियंता ए.डी. अंसारी का कहना है कि हिण्डोली में प्रोजेक्ट कार्य स्वीकृत है। वहां पर कैसे नहीं चल रहा इस मामले को दिखाएंगे। हालांकि यहां पर एक सहायक अभियंता का पद रिक्त चल रहा है।

क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत करो, ज्ञापन सौंपा
तालेड़ा. राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से नोताड़ा गांव तक की सडक़ क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ की मरम्म्मत की मांग को लेकर मंगलवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रवि राजस्थानी ने बताया कि नोताड़ा भोपत की सडक़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही है। जिस पर लोग आते-जाते दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ज्ञापन के दौरान मीणा समाज के तहसील अध्यक्ष भंवर सिंह मीणा, लोकेश मीणा, दीपक गुर्जर, हनुमान मीणा, शिवराज बैरवा आदि मौजूद रहे।

Narendra Agarwal Desk
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