बीजासन माता के चोले की विधि विधान के साथ धूमधाम से निकाली शोभायात्रा

pankaj joshi | Updated: 11 Oct 2019, 08:52:58 PM (IST) Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बालचंदपाड़ा स्थित सिद्धपीठ बीजासन माताजी के चोले की शोभायात्रा विधि विधान के साथ धूमधाम से निकाली गई।

बूंदी. बालचंदपाड़ा स्थित सिद्धपीठ बीजासन माताजी के चोले की शोभायात्रा विधि विधान के साथ धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा दोपहर 12 बजे पूजा अर्चना और आरती के बाद माताजी के चौक से शुरू हुई, जो माली पाड़ा, नाहर का चौहटा, सदर बाजार, इंद्रा बाजार, देवली रोड होती हुई शाम चार बजे बहरली बूंदी स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर पहुंची, जहां आरती के साथ शोभायात्रा सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में बीजासन माताजी और ब्रह्माणी माताजी का चोला बग्घी में विराजमान था। शोभायात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष भजनों पर नाचते चल रहे थे। महिलाओं और पुरुषों ने गरबे भी किये। शोभायात्रा में आयोजन से जुड़े सोहन लाल सैनी, प्रभु लाल नामा, हैप्पी सैनी, परघन सिंह, पीयूष पाचक, रामप्रकाश सैनी, ज्योति पंचोली, पीताम्बर सैनी, मिलाप सेन, बजरंग लाल सैनी, आशीष शर्मा, मुकेश, वार्ड पार्षद मनीष सिसोदिया, पप्पू गुर्जर, प्रदीप जोशी, बृजेश गौतम, किशन सिंधी, अरुण शृंगी, चंदू चंद्राकर सहित नगर के गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु शामिल थे।
शाम को 50 श्रद्धालु बस से माताजी के चोले के विसर्जन के लिए प्रयागराज (इलाहाबाद) रवाना हुए। जहां रविवार को विधि विधान के साथ त्रिवेणी संगम में चोले का विसर्जन किया जाएगा। इससे पूर्व गुरुवार रात को माताजी के भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। उल्लेखनीय है कि माताजी की प्रतिमा 1923 में स्थापित की गई थी, जिसे भैरूपुरा आंतरी गांव से राधा बाई नामक महिला सिर पे टोकरी में रख कर लायी थी। 96 वर्ष बाद उतरे चोले को सरदार परघन सिंह सिर पे उठाकर रवाना हुए।

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