बूंदी जैतसागर तालाब का पानी बह रहा केनाल में

बूंदी ब्रांच केनाल में दौलाड़ा के निकट जैतसागर से निकलने वाले नाले के लिए पानी निकासी के लिए बनाया गया सायफन टूटने के 13 वर्ष बाद भी वापस नहीं बना।

By: pankaj joshi

Published: 11 Oct 2021, 09:30 PM IST

बूंदी जैतसागर तालाब का पानी बह रहा केनाल में
13 वर्ष बाद भी नहीं बना साइफन
रामगंजबालाजी. बूंदी ब्रांच केनाल में दौलाड़ा के निकट जैतसागर से निकलने वाले नाले के लिए पानी निकासी के लिए बनाया गया सायफन टूटने के 13 वर्ष बाद भी वापस नहीं बना। ऐसे में जैतसागर तालाब के नाले का व शहर की नालियों का गंदा पानी बूंदी ब्रांच केनाल में गिर रहा है। जानकारी के अनुसार पानी निकासी का साइफन वर्ष 2008 में क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। सीएडी प्रशासन ने टूटे हुए सायफन को हटाकर वहां की जगह को समतल कर दिया, लेकिन वहां पर अब तक साइफन नहीं बनने से अब शहर का व जैतसागर तालाब के नाले का पानी केनाल में गिरकर नहरों में बह रहा है।
हो गया अतिक्रमण
साइफन टूटने के बाद दौलाड़ा से मांगली नदी तक लगभग 4 किलोमीटर के हिस्से में साइफन के नाले को लोगों ने खेतों में तब्दील कर दिया। कई जगहों पर तो नाले के किनारों पर आम रास्ता होने के बावजूद लोगों ने अतिक्रमण करके रास्तों को बंद कर दिया। अब वहां पर लोगों को आम रास्ते बंद होने से निकलने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पानी बंद हो तो शुरू हो नहरों का मरमत कार्य
साइफन टूटने के बाद यहां पर नहर में केनाल से दौलाड़ा वितरिका व कुंवारती माइनर में लगभग 3 से 4 माह तक पानी बहने का क्रम जारी रहता है। ऐसे में सीएडी प्रशासन की ओर से उक्त नहर की सफाई का कार्य व मरम्मत का कार्य करवाने में भी परेशानी हो रही है। सीएडी प्रशासन की माने तो नाले का पानी वितरिकाओं व माइनरों में बहने से यहां पर नालों की सफाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उक्त मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भी रोष है।
घट गई चौड़ाई
शहर से निकलने वाले नाले की चौड़ाई लगभग 65 फीट के करीब है। वहीं लंबाई 10 किलोमीटर के करीब है, लेकिन वर्तमान में नाला कई जगहों पर 25 फीट भी नहीं रहने से अब थोड़ी सी बरसात होते ही पानी खेतों में जाने से लोगों के खेत गड्ढों में तब्दील होने लगे हैं। किसान जोधराज गुर्जर, मनवीर सिंह, अमरजीत सिंह, प्रदीप शर्मा, देवलाल नागर, महावीर नागर आदि ने बताया कि नाले की चौड़ाई को प्रशासन बढ़ाएं। साथ ही सायफन बनाकर नाले का पानी को मांगली नदी में डालें ताकि किसानों को फसलों में नुकसान न हो।

 


पापडी माइनर की नहर को सुचारू कराने के लिए किसानों ने सिंचाई विभाग को लिखा पत्र
बड़ाखेड़ा. क्षेत्र के पापड़ी माइनर की साफ सफाई एवं सुचारू करने को लेकर जाडला गांव के किसान गिरिराज मीणा, महावीर मीणा, भगवान मीणा, व ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को पत्र लिखकर अवगत कराया। पत्र में बताया कि पापड़ी फाटक रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान पापड़ी माइनर नहर क्षतिग्रस्त हो गई, उसमें मिट्टी, झाडिय़ां, बबूल उग चुके है। रबी की फसल बुवाई के किसानों को पानी आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में कृषि कार्यों के दिनों में पानी का बराबर संचालन नहीं हो पाएगा।

pankaj joshi Photographer
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned