बूंदी विधायक ने उठा दिया विधानसभा में ऐसा सवाल...

बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने पिछले प्रदेश के बजट में बूंदी के लिए हुई घोषणाओं में से किसी का बजट नहीं आने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिर नई घोषणाएं कर दी, जबकि पिछली किसी घोषणा को पूरा नहीं किया।

By: pankaj joshi

Published: 05 Mar 2021, 08:23 PM IST

बूंदी विधायक ने उठा दिया विधानसभा में ऐसा सवाल...
बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने सदन में उठाया पिछली बजट घोषणाओं को पूरा करने का मुद्दा
बूंदी. बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने पिछले प्रदेश के बजट में बूंदी के लिए हुई घोषणाओं में से किसी का बजट नहीं आने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिर नई घोषणाएं कर दी, जबकि पिछली किसी घोषणा को पूरा नहीं किया।
विधायक डोगरा ने बजट की सदन में चर्चा पर कहा कि पिछले बजट में हिण्डोली के 286 गांव, 287 ढाणियों में पेयजल के लिए 970 करोड़ की योजना बनाने की घोषणा हुई थी। जिसका काम शुरू नहीं हुआ। एक नवीन औद्योगिक क्षेत्र के स्थापना की घोषणा की गई थी। जो अभी तक धरातल पर नहीं उतरी। अलोद-मेंडी के लिए 20 करोड़ की घोषणा की थी। जिसका काम शुरू नहीं हुआ। इस सडक़ को इस बजट में फिर से शामिल करके बूंदी-अलोद-मेंडी के नाम से दुबारा घोषित कर दिया। इसी प्रकार बूंदी की पुरास्मारकों के लिए बजट की बात की थी, जिसके लिए सरकार ने एक पैसा नहीं दिया। साथ ही बूंदी में गुरुद्वारा समिति के सहयोग से गुरुनानक उद्यान विकसित करने का वादा बजट में किया था। सरकार इसके लिए जमीन तक चिह्नित नहीं कर सकी।
नमाना या खटकड़ में बने उपतहसील
विधायक डोगरा ने सदन में कहा कि सरकार ने रायथल में उपतहसील खोलने की घोषणा की। जबकि यह उपतहसील खटकड़ या नमाना में खोली जानी चाहिए थी। जिससे कि आस-पास के दर्जनों गांव सीधे उपतहसील मुख्यालय से जुड़ सकें।
बूंदी बस स्टैंड के हालात सुधारो
विधायक डोगरा ने जिला मुख्यालय के बस स्टैंड की दुर्दशा का मुद्दा भी सदन में रखा। उन्होंने कहा कि जिले के परिवहन राज्य मंत्री होने के बावजूद सरकार सडक़ तक ठीक नहीं करा पा रही। आज बस स्टैंड की सडक़ पर हालात चलने लायक तक नहीं रहे। सडक़ से डामर पूरी तरह उखड़ गया। यात्रियों को सुविधा के नाम पर बैठने के लिए जगह तक नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि सरकार के दोनों ही मंत्रियों ने बूंदी की जनता से बस स्टैंड के हाल सुधारने का वादा किया था जिसे भी पूरा नहीं किया गया। बस स्टैंड को बाहर निकालने का जो प्रस्ताव था, उसे भी खारिज कर दिया।
किसानों की तो सुनो ‘सरकार’
भाजपा विधायक डोगरा ने केशवरायपाटन शुगर मिल का मुद्दा भी सदन में जोरशोर से उठाया। उन्होंने सहकारिता मंत्री के समक्ष मांग रखी कि शुगर मिल के पास पौने दो सौ बीघा जमीन है।
15 सौ करोड़ रुपए मिल के खाते में है। इसे चलाने के लिए आस-पास के दर्जनों गांवों के किसान गन्ना उत्पादन को तैयार है। इसे चलाने के लिए किसानों को धरने पर बैठे एक महिने से अधिक का समय हो गया, लेकिन सरकार को इन किसानों की बात सुनने तक की फुर्सत नहीं है। विधायक डोगरा ने सदन में कहा कि धरने पर बैठे किसानों से कोई अधिकारी तक मिलने नहीं गया। जबकि किसानों ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के मिल संचालकों से सम्पर्क साधा तो उन्होंने केशवरायपाटन पहुंचकर मिल को चलने लायक बताया।

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