नहरों में पानी छोडऩे से सैकड़ों बीघा फसलों को बचाया जा सकेगा सा’ब

केशवरायपाटन विधायक चंद्रकांता मेघवाल मंगलवार को संभागीय आयुक्त से मिली और चम्बल की नहरों में पानी छोडऩे की मांग की।

By: pankaj joshi

Published: 16 Sep 2020, 07:46 PM IST

नहरों में पानी छोडऩे से सैकड़ों बीघा फसलों को बचाया जा सकेगा सा’ब
बूंदी. केशवरायपाटन विधायक चंद्रकांता मेघवाल मंगलवार को संभागीय आयुक्त से मिली और चम्बल की नहरों में पानी छोडऩे की मांग की।
विधायक मेघवाल ने बताया कि पत्र में बताया कि केशवरायपाटन, बूंदी विधानसभा क्षेत्र सहित सम्पूर्ण कोटा संभाग के चम्बल परियोजना में लगभग 2 लाख 87 हजार हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में 1.73 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन, 64 हजार हैक्टेयर में धान, 35 हजार हैक्टेयर में उड़द और 15 हजार हैक्टेयर में मक्का, तिल, मूंग, ज्वार, बाजरा आदि की फसलें हैं। इस वर्ष समय पर बरसात नहीं होने के कारण कोटा संभाग में किसानों की ओर से लगातार दायीं एवं बायीं नहर से अविलम्ब पानी छोडऩे की मांग की जा रही है। किसान पानी को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विधायक ने कहा कि पहले से ही किसान सम्पूर्ण देश में कोरोना महामारी से परेशान है। इस समय किसान से लेकर व्यापारी मजदूर गरीब तक सब दुखी हैं। किसान इस समय एक बहुत बड़ी विपदा से जूझ रहा है जिसके चलते सम्पूर्ण देश के श्रमिक किसान व व्यापारी सहित सभी वर्ग अर्थिक व मानसिक पीड़ा में हैं। वर्तमान में बांधों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। पानी छोडऩे से सैकड़ों बीघा फसलों को बचाया जा सकेगा। इधर, संभागीय आयुक्त ने वर्तमान में नहरों में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया।

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