सिकुड़ती जा रही है जीवनदायिनी नहरें

चम्बल की कापरेन ब्रांच के टेल क्षेत्र के अन्तिम छोर पर स्थित बडाखेडा, बसवाडा, माखीदा, लबान, पापडी गांवों की नहरों की दशा नहीं सुधरी।

By: Narendra Agarwal

Published: 08 Oct 2021, 01:12 PM IST

बड़ाखेड़ा. चम्बल की कापरेन ब्रांच के टेल क्षेत्र के अन्तिम छोर पर स्थित बडाखेडा, बसवाडा, माखीदा, लबान, पापडी गांवों की नहरों की दशा नहीं सुधरी। नहरे और माइनर जर्जर हो गई। कई जगहों पर तो नहरें ही जमींदोज हो गई। कुछ जगहों पर नहरों ने नालियों का रूप ले लिया। ऐसे में किसानों को पानी की बाट जोहनी पड़ेंगी। यहां किसानों की माने तो सीएडी ने नहरों की ओर देखना बंद कर दिया।
किसानों ने बताया कि वर्षों से नहर की सफाई नहीं हुई। नहरों के चहुंओर बबूल उग आए। बडाखेडा क्षेत्र में लगभग तीन किलोमीटर तक नहर अपना अस्तित्व खो चुकी। 30 वर्ष पहले टूटी नहर की आज
तक मरम्मत नहीं कराई। किसानों के खेतों के पास से नहर तो निकल
रही, लेकिन पानी आए वर्षों बीत चुके। यहां आज भी सैकड़ों बीघा जमीन को चम्बल की नहरों से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता। यहां किसान नलकूपों के भरोसे खेती कर रहे।

Narendra Agarwal Desk
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