जंगल में बदल रहा चिकित्सा आवास परिसर

नवनिर्मित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय परिसर में पांच साल पहले बनाए गए चिकित्सक आवास के परिसर घने जंगल में तब्दील हो गए हैं।

By: pankaj joshi

Published: 16 Sep 2020, 05:53 PM IST

जंगल में बदल रहा चिकित्सा आवास परिसर
केशवरायपाटन. नवनिर्मित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय परिसर में पांच साल पहले बनाए गए चिकित्सक आवास के परिसर घने जंगल में तब्दील हो गए हैं।
सरकार ने वर्ष 2014-15 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत 70 लाख रुपए खर्च कर पांच आवासों का निर्माण करवाया था। निर्माण कार्य पूर्व तो कर दिया, लेकिन आवासीय परिसर में सडक़, सीसी, नाली, पठान की सुविधा नहीं होने से अब वहां जंगलराज हो गया है। चिकित्सक आवासों के पास गंदगी, मच्छर, कीट पतंगों का साम्राज्य होने से वहां चिकित्सक अपने परिवार के साथ रहने से कतरा रहे हैं। अब तो आवास क्षतिग्रस्त होने लगे हैं जिनके रखरखाव की दरकार है। निर्माण करते समय गुणवत्ता का ध्यान नहीं देने की वजह से इनकी स्थिति बिगड़ गई है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी लाभ नहीं मिला।
धूल चाट रहे प्रस्ताव
सीएडी कॉलोनी के पीछे खाली पड़ी जमीन में पांच चिकित्सक आवास निर्माण करने के बाद राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की ओर से आवास परिसर में सुविधाओं के लिए 2 करोड़ 10 लाख के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवाए थे। यह प्रस्ताव फाइलों में ही दब कर रह गए। प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से वहां की जमीन जो उबड़-खाबड़ पड़ी हुई है, समतल नहीं हो पाई। चिकित्सक आवास परिसर के अन्य विकास कार्य भी अधूरे हैं।
नवनिर्मित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय के पास चिकित्सक आवास एवं सुविधा के लिए राज्य सरकार को दो करोड़ 10 लाख रुपए के प्रस्ताव बनाकर भिजवा रखे हैं। एक वर्ष से यह प्रस्ताव अटके हुए हैं। बजट मिलने के बाद और चिकित्सा आवास बना कर परिसर में सीसी सडक़, नालियां व सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
लोकेंद्र अग्रवाल, सहायक अभियंता राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन बूंदी

pankaj joshi Photographer
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned