कांस्टेबल अभिषेक हत्याकांड में नया मोड, किशोर न्याय बोर्ड ने हत्या की आरोपी श्यामा को माना बालिग

बूंदी कोतवाली थाने के कांस्टेबल अभिषेक शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी श्यामा शर्मा को किशोर न्याय बोर्ड ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को बालिग मान लिया।

pankaj joshi

February, 1501:08 PM

कांस्टेबल अभिषेक हत्याकांड में नया मोड, किशोर न्याय बोर्ड ने हत्या की आरोपी श्यामा को बालिग माना
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां पेश करने के आदेश
- कोर्ट ने जेल भेजा, अगली सुनवाई 27 फरवरी को
बूंदी. बूंदी कोतवाली थाने के कांस्टेबल अभिषेक शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी श्यामा शर्मा को किशोर न्याय बोर्ड ने सुनवाई के बाद शुक्रवार को बालिग मान लिया।
पुलिस ने श्यामा का बौंली स्थित सरस्वती उच्च प्राथमिक विद्यालय में अभिभावक की ओर से जमा कराया प्रार्थना पत्र, एसआर रजिस्टर एवं स्कूल की ओर से जारी प्रारंभिक कक्षा की जन्म तिथि प्रमाण पत्र यहां बोर्ड के समक्ष पेश किए। अभिभावक की ओर से पहली कक्षा में प्रवेश के लिए प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार श्यामा की जन्म तिथि 17 अगस्त 2001 निकली। जबकि केस डायरी के अनुसार वारदात 28 अगस्त 2019 को हुई। यानी इस दिन श्यामा बालिग हो चुकी थी। आयु का निर्धारण करते हुए श्यामा के बालिग होने से बोर्ड अध्यक्ष हनुमानसहाय जाट, सदस्य राजकुमार दाधीच ने उक्त प्रकरण को बोर्ड का क्षेत्राधिकार नहीं माना।
मामले को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां पेश करने के आदेश दिए। तब पुलिस ने निर्णय के आधार पर श्यामा को दोपहर बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। श्यामा की उम्र का निर्धारण नहीं होने से अब तक उसे कोटा नान्ता बालिका सम्प्रेषण गृह में रखा हुआ था।इस मामले के दूसरे आरोपी नावेद रंगरेज की भी सुनवाई 27 फरवरी को होगी।
परिवादी की ओर से एडवोकेट भूपेंद्रसहाय सक्सेना ने उपस्थित होकर श्यामा के बालिग होने बाबत तर्क और कानूनी नजीरे पेश की।
यह था मामला
कांस्टेबल अभिषेक बूंदी से 28 अगस्त 2019 को लापता हुआ था। उसकी परिजनों ने बूंदी के कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने 5 अक्टूबर को यह प्रकरण दर्ज किया। अभिषेक को बौंली (सवाईमाधोपुर) निवासी नावेद रंगरेज और श्यामा शर्मा ने जन्मदिन की पार्टी के बहाने बौंली बुलाया था। इसी दिन उसे रात को खण्डहर महल में ले गए और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। शव को उसी महल में दफना आए थे।बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने रिमांड मांगा तो श्यामा ने नाबालिग होने का प्रमाण पत्र कोर्ट में पेश कर दिया था। तब से श्यामा के उम्र के निर्धारण को लेकर मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष चल रहा था।
श्यामा पर टिकी थी शक की सुई, पूछताछ में पिघली
मामले की जांच कर रहे बूंदी के पुलिस उपअधीक्षक मनोज शर्मा ने बताया कि इस मामले के खुलासे के लिए करीब 200 फोन नम्बरों की जांच की, अधिकतर से शक की सुई अभिषेक की रिश्ते में साली श्यामा पर आकर टिकी। बाद में श्यामा को पकडकऱ पूछताछ की तो वह नकारती रही, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की तो वह पिघल गई। उसने सारी वारदात को कबूल कर लिया। इसमें उसका दोस्त बौंली निवासी नावेद रंगरेज भी निकला। इन्हीं की निशानदेही पर कांस्टेबल अभिषेक का शव किले से बरामद किया गया था।

pankaj joshi Photographer
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned