बूंदी नगर परिषद : पार्षद बनने की होड़ में 12 करोड़पति और 157 लखपति

राजनीति में धनबल निरंतर बढ़ता जा रहा। शहर की राजनीति भी इससे अछूती नहीं रही। चुनाव दर चुनाव में धनाढ्य उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही।

By: Narendra Agarwal

Published: 26 Jan 2021, 08:10 PM IST

बूंदी नगर परिषद के 60 वार्ड
बूंदी. राजनीति में धनबल निरंतर बढ़ता जा रहा। शहर की राजनीति भी इससे अछूती नहीं रही। चुनाव दर चुनाव में धनाढ्य उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही। प्रचार-प्रसार के तौर तरीके में भी नयापन देखने को मिल रहा। इससे मुकाबले रोचक व कड़े हो रहे।
प्रत्याशियों की ओर से दाखिल नामांकनों में बताई सम्मत्ति के विवरण की पड़ताल करने पर सामने आया कि बूंदी नगर परिषद क्षेत्र में कुल 209 उम्मीदवारों में से 12 करोड़पति व 157 लखपति चुनावी मैदान में है। सिर्फ दो उम्मीदवारों ने ही अपनी सम्पत्ति शून्य बताई। 38 प्रत्याशियों के पास हजारों की राशि है। इतने अधीक संख्या में धनी उम्मीदवारोंं के मैदान में उतरने से चुनावी जंग दिलचस्प हो गई। वहीं इसमें से कई करोड़पति सभापति बनने की होड़ में शामिल बताए। 28 जनवरी को वोट पड़ेंगे। ऐसे में पार्षद प्रत्याशी अपने-अपने तरीके से घर—घर वोट मांग रहे।
प्रचार में दिख रहीं पैसे की ताकत, पर्चें भी रंगीन बंट रहे
नगर निकाय चुनाव में जब इतनी बड़ी संख्या में लखपति उम्मीदवार मैदान में हैं, तो माहौल भी उसी के अनुरूप नजर आने लगा है। शहर के अधीकतर वार्डों में चिकने कागत में रंगीन पोस्टर्स व स्टीकर्स की भरमार हो गई। जगह-जगह दीवारें प्रत्याशियों की प्रचार सामग्री से अट गई। चुनावी प्रचार में ऑटो व माइक के जरिए प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। वहीं कारों में भी पोस्टर लगे हंै। बांदरवाल, मास्क, टोपा, स्टीकर आदि का प्रचार हो रहा है। होर्डिंग साइज के बैनरों से भी प्रत्याशी कार्यालयों पर सजे है।

...तो करोड़पतियों की बढ़ जाती है प्रबल दावेदारी
कहा जाता है कि चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों में से जो प्रत्याशी अधिक पैसे वाला है उसके जीतने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। यानी चुनावी मैदान में उतरने वाला जो प्रत्याशी जितना धनी उसके शहरी सरकार के सदन तक जाने की उतनी ही प्रबल संभावना होगी। यह स्थिति किसी एक दल विशेष की नहीं बल्कि सभी दलों में कमोबेश ऐसा ही है। हर दल में करोड़पति उम्मीदवारों का ग्राफ निरंतर बढ़ता ही जा रहा है।

सोशल मीडिया बना प्रचार-प्रसार का जरिया
चुनावों के दौरान सोशल मीडिया भी प्रत्याशियों के लिए चुनावी प्रचार-प्रसार करने का फंडा बना हुआ है। बड़े-बड़े चुनावों की तर्ज पर नगर निकाय चुनावों में भी ऑटो व मोबाइल पर फोन के जरिए लोगों को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

प्रत्याशियों की सम्पत्ति का विवरण
सम्पत्ति संख्या
हजार 38
लखपति 157
करोड़पति 12
शून्य 02

Narendra Agarwal Desk
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