संकट के साथी: आधा रहा काम, नहीं छोड़ रहे साथ

जिन्हें लोगों ने भूला दियाथा वह लॉकडाउन में संकट के साथी हो गए। कस्बे के मुकेश सेन ने बताया कि वह दुकान बंद होने पर लोगों की घर बुलाकर मदद कर रहे।

By: pankaj joshi

Published: 18 Apr 2020, 09:29 PM IST

संकट के साथी: आधा रहा काम, नहीं छोड़ रहे साथ
नोताडा. जिन्हें लोगों ने भूला दियाथा वह लॉकडाउन में संकट के साथी हो गए। कस्बे के मुकेश सेन ने बताया कि वह दुकान बंद होने पर लोगों की घर बुलाकर मदद कर रहे।यहीं का निवासी बंटी सेन गिरधरपुरा में दुकान लगाता था। उसके सामने रोजगार का संकट हो गया। गांव में ग्रामीणों के कपड़ों पर प्रेस करने वाली मनभर धोबी ने बताया कि लॉकडाउन में काम आधा भी नहीं रहा।
घर पर कर रहा उपकरण ठीक
बडाखेडा. कस्बे के रैबारपुरा चौराहे पर बिजली उपकरण ठीक करने वाले चेतन महावर के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई।परिवार का खर्चा चलता रहे इसके लिए उसने लोगों का साथ नहीं छोड़ा। अब धर पर ही उपकरण ठीक करने शुरू कर दिए। गर्मी भी बढ़ गई। ऐसे में वह संकट का साथी हो गया। इसी प्रकार छोटूलाल, जितेन्द्र बैरवा भी रोजगार बंद रहने से परेशान हो गए। कमोबेश यहां अधिकतर के यही हाल हो गए।

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