जागरूकता के चलते यहां के 10 गांवों में नहीं फैला कोरोना संक्रमण

एक और जहां गांव व शहरों के लोग कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं, वहीं हिण्डोली क्षेत्र के 9 गांव ऐसे भी हैं, जहां पर कोरोना संक्रमण दस्तक नहीं दे पाया। वहां के लोगों की सक्रियता के चलते गांव में संक्रमण नहीं फैल पाया।

By: pankaj joshi

Published: 20 May 2021, 09:16 PM IST

जागरूकता के चलते यहां के 10 गांवों में नहीं फैला कोरोना संक्रमण
एक भी व्यक्ति नहीं हुआ संक्रमित
सुकून देती खबर
हिण्डोली. एक और जहां गांव व शहरों के लोग कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं, वहीं हिण्डोली क्षेत्र के 9 गांव ऐसे भी हैं, जहां पर कोरोना संक्रमण दस्तक नहीं दे पाया। वहां के लोगों की सक्रियता के चलते गांव में संक्रमण नहीं फैल पाया। जानकारी के अनुसार गांव निमोद, खोढ़ी, खेजड़ा, जैतपुरा भूतपुरिया, विषधारी, फालेड़ा, रामपुरिया, राजपुरा गांव में कोरोना संक्रमण से लोग बचे हुए हैं। जिससे यहां के लोगों काफी राहत महसूस कर रहे हैं। गांव में संक्रमण नहीं फैलने का मुख्य कारण ग्रामीणों की जागरूकता और सतर्कता भी बताया जा रहा है। जिन्होंने खुद संक्रमण से बचने व दूसरों को भी बचाने के लिए प्रेरणा दी।
यहां के युवाओं ने भी लोगों को सरकारी गाइडलाइन की पालना पर जोर दिया। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग में रहने को भी कहा। ग्राम सलावलिया के सत्यनारायण गुर्जर का मानना है कि उन्होंने संक्रमण काल में गांव के लोगों को समझाने में कोई कोर कसर नहीं रखी। जिससे रामपुरिया गांव संक्रमण की चपेट में आने से बच गया।
पहली लहर में भी नहीं आया कोई संक्रमित
ग्रामीणों के अनुसार कोरोना की पहली लहर में भी यह गांव कोरोना से बचे रहे। यहां से एक भी व्यक्ति संक्रमित नहीं हुआ, जबकि आसपास के गांवों में संक्रमित आते रहे। दूसरी लहर में भी इन गांवों का कोरोना संक्रमण से बचना दूसरों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
इस तरह बचे संक्रमण से
ग्राम पंचायत डाबेटा सरपंच राजभंवर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर का असर दिखते ही ग्रामीणों ने गांव के बाहर आना जाना बंद कर दिया। बेहद जरूरी होने पर ही वह पूरी सावधानी के साथ बाहर गए। इसके अलावा शादी विवाह व अन्य कोई कार्यक्रम नहीं किए। इधर, राजपुरा निवासी राधेश्याम बैरवा ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के आते ही एक कमेटी बनाई गई और गांवों में आने जाने के दो रास्तों पर ग्रामीण स्वयं बैठ गए व बाहर से आने वाले लोगों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया।
क्षेत्र के 9 गांव ऐसे हैं, जो कोरोना संक्रमण से दूर रहे। यहां के लोगों ने पूरी सतर्कता जिम्मेदारी से कोरोना गाइडलाइन की पालना की। ऐसे ही सभी गांव के लोगों में समझाइश हो तो गांव में कोरोना संक्रमण दूर हो सकता है। गांव के लोगों को अभी भी समझाइश की बहुत जरूरत है। भीड़भाड़ से दूर रहें, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाएं।
डॉ. जगबीर सिंह, ब्लॉक सीएमओ हिण्डोली


इस गांव में भी नहीं हुआ कोई कोरोना संक्रमित
ना बाहर से किसी को बेमतलब आने दिया, ना लोग बेवजह
बाहर गए
जजावर. क्षेत्र में हर तरफ कोरोना का कहर बढ़ रहा है। रोजाना कई नए मरीज सामने आ रहे हैं और कई लोगों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो रही है। इस बीच क्षेत्र में एक गांव ऐसा भी है, जहां अभी तक कोरोना का संक्रमण नहीं पहुंचा है। सीसोला पंचायत के गोवल्या गांव में अभी तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। गांव वालों ने बिना किसी दवाई या वैक्सीन के ही कोरोना को हरा दिया है। इसके लिए बस गांव को लॉकडाउन जैसा किया गया है ना बाहर से किसी को बेमतलब आने दिया जाता है ना लोग बेवजह बाहर जाते हैं।
गांव में हरियाली, प्रदूषण भी नहीं
100 घरों की बस्ती वाला गोवल्या गांव की जनसंख्या 620 के करीब है। इस गांव के लोग सतर्कता की वजह से बीमारी से बच गए। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक भी गांव को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आने की खास वजह है, यहां के लोग बेवजह कहीं नहीं जाते। गांव में हरियाली है। पेड़-पौधों होने की वजह से प्रदूषण नहीं है। इससे लोगों को स्वच्छ हवा मिल रहा है। कुछ लोग वापस आए भी तो घर पर ही क्वॉरंटीन रहे। पिछले साल इस गांव में लोग संक्रमित हुए थे, लेकिन इस बार खाता नहीं खुल सका।
इन लोगों ने निभाई महत्ती भूमिका
इस कड़ी में सरपंच धर्मराज मीणा व सीसोला पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य व पीईईओ बजरंग लाल मीणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। लोगों से समझाइश कर गाइडलाइन की पालना करवाने के साथ अन्य कार्य किए।

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