शिक्षा निदेशालय की गलती पकड़ में आई तो प्रत्याहारित किया आदेश

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के वर्ष 2019-20 का 12 वीं कक्षा में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों के परीक्षा परिणाम को न्यून बताकर जारी किया कारण बताओ नोटिस के आदेश को शिक्षा निदेशालय को 40 घंटों में प्रत्याहारित करना पड़ा।

By: pankaj joshi

Published: 26 Dec 2020, 06:30 PM IST

शिक्षा निदेशालय की गलती पकड़ में आई तो प्रत्याहारित किया आदेश
-काल्पनिक रिपोर्ट पर व्याख्याताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने का मामला
नैनवां. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के वर्ष 2019-20 का 12 वीं कक्षा में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों के परीक्षा परिणाम को न्यून बताकर जारी किया कारण बताओ नोटिस के आदेश को शिक्षा निदेशालय को 40 घंटों में प्रत्याहारित करना पड़ा। निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक रचना भाटिया द्वारा परीक्षा परिणाम की काल्पनिक रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य के 704 व्याख्याताओ को कारण बताओ नोटिस दिया जाकर 15 दिवस में स्पष्टीकरण नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। आदेश माध्यमिक शिक्षा की अतिरिक्त निदेशक रचना भाटिया ने जारी किया था। काल्पनिक रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी करने का मामला उजागर हुआ तो पूरे शिक्षा विभाग में हडक़म्प मच गया। विभाग के अधिकारियों ने भी आदेश पर आश्चर्य जताया तो निदेशालय ने अपनी गलती सुधारते हुए अतिरिक्त निदेशक ने दूसरे ही दिन गुरूवार को आदेश को प्रत्याहारित करना पड़ा।
पत्रिका ने पकड़ा मामला
विद्यालय रिकार्ड बोल रहा है कि गुरूजनों ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा 2019-20 में 12 वीं कक्षा का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया। उधर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने काल्पनिक रिपोर्ट में परीक्षा परिणाम न्यून बताकर उन्ही व्याख्याताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में किस प्रकार आंखें बंद कर काम हो रहा इसकी यह अजीब बानगी सामने आई तो राजस्थान पत्रिका ने 25 दिसम्बर के अंक में ‘शिक्षा निदेशालय की काल्पनिक रिपोर्ट ने लगाया व्याख्याताओं को करंट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामला उजागर किया।

यह लिखा प्रत्यारित आदेश में
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की अतिरिक्त निदेशक रचना भाटिया ने प्रत्यारित किए आदेश में लिखा है कि इस कार्यालय द्वारा सत्र 2019-20 में कक्षा 12 के न्यून परीक्षा परिणाम से सम्बधित व्याख्याताओं को 23 दिसम्बर को जारी कारण बताओ नोटिस को अपरिहार्य कारणों से प्रत्यारित किया जाता है। संशोधन उपरांत ही कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।

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