काश्तकारों का फार्म पौंड बनाने में घटा रुझान, विभाग लक्ष्य पूरा करने में जुटा

वर्षा के जल का संरक्षण करने के लिए काश्तकारों का फार्म पौंड योजना में रूझान कम हो गया। जिसके चलते इस वर्ष कृषि विभाग को कम ही लक्ष्य प्राप्त हुए जो भी पूरा होते नहीं दिख रहे।

By: pankaj joshi

Published: 29 Jun 2020, 08:42 PM IST

काश्तकारों का फार्म पौंड बनाने में घटा रुझान, विभाग लक्ष्य पूरा करने में जुटा
जिले को इस वर्ष मिले 70 फार्म पौंड बनाने का लक्ष्य
करीब 15 फार्म पौंड लगाने की जारी की स्वीकृति
बूंदी. वर्षा के जल का संरक्षण करने के लिए काश्तकारों का फार्म पौंड योजना में रूझान कम हो गया। जिसके चलते इस वर्ष कृषि विभाग को कम ही लक्ष्य प्राप्त हुए जो भी पूरा होते नहीं दिख रहे।
विभाग की ओर से इस योजना में किसानों को अनुदान दिया जाता है। कृषि विभाग को इस वर्ष जिले में 70 फार्म पौंड बनाने का लक्ष्य हासिल हुआ। जिसमें से करीब 15 की स्वीकृति विभाग ने जारी कर दी। फार्म पौंड काश्तकार की जमीन में बरसात के बहते हुए पानी को एक खेत से दूसरे खेत में जाने से बचाता है। हालांकि नैनवां क्षेत्र में यह योजना लाभकारी साबित हो रही है। इसका इस क्षेत्र में अधिक रुझान देखने को मिला।
कृषि विभाग के जानकार सूत्रों ने बताया कि जो लक्ष्य मिले वह इस बार पूरे नहीं होंगे। किसानों का इसके प्रति रुझान कम हो गया। जिले के कुछ ही क्षेत्र में यह योजना सीमित होकर रह गई। प्रधानमंत्री कृषि सिचांई योजना के तहत फार्म पौंड (खेत तलाई) निर्माण की वजह से किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी का संकट काफी हद तक कम हो गया, नतीजन उनकी उपज भी बढ़ गई। इसके अलावा फार्म पौंड निर्माण पर सरकार की ओर से अनुदान भी देय है। जिले में मिले 70 फार्म पौंड लगाने में 50 सामान्य, 10 एससी व 10 एसटी श्रेणी के काश्तकारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें काश्तकारों को दो तरह से अनुदान मिलेगा। यदि काश्तकार को 12 सौ घन मीटर 20 बाय 20 फीट का फार्म पौंड बनाता है, तो उसको लागत का 50 प्रतिशत या 52 हजार 500 रुपए देने का प्रावधान है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 10 हजार 500 रुपए की सब्सिडी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से दी जाएगी। इस प्रकार कुल 63 हजार रुपए का काश्तकार को अनुदान मिलेगा।
डीजल पंप सेट पर भी अनुदान
इस योजना के तहत सरकार ने पूर्व में फार्म पौंड बने काश्तकारों को नेशनल फूट सेक्यूरिटी मिशन के तहत डीजल इंजन सेट पर भी अनुदान देने का मन बनाया है। इसमें जिले के करीब 35 काश्तकारों को लाभांवित किया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत इस योजना का लाभ उन काश्तकारों को मिलेगा जिनके पहले से यह फार्म पौंड बना रखे हंै। उन कृषकों को कृषि विभाग लागत का 50 प्रतिशत या 10 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा, ताकि काश्तकार पानी को लिफ्ट करके फसल में आसानी से सिंचाई कर सके।
यह अनुदान
कृषक को अपनी भूमि पर 20 गुना 20 की लम्बाई व चौड़ाई तथा तीन मीटर गहराई में फार्म पौंड का निर्माण करना होता है। कच्चे फार्म पौंड पर विभाग की ओर से 63 हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है।
नैनवां में सर्वाधिक फार्म पौंड
विशेष रूप से नैनवां क्षेत्र के इलाके के किसानों को खूब रास आए है। गत वर्ष भी आधे से ज्यादा फार्म पौंड इसी एरिया में बने थे।
इसके पीछे कारण इस इलाके के गांवों की मिट्टी चिकनी होने की वजह से फार्म पौंड यहां पर खूब कारगार साबित हुए। वर्तमान में जिलेभर में करीब 1100 फार्म पौंड बन चुके। इनमें से 95 प्रतिशत फार्म पौंड नैनवां क्षेत्र के इलाके में बने।
अब दो बीघा जमीन वाला भी होगा मान्य
इस योजना के तहत जिस काश्तकार के पास दो बीघा जमीन है वह भी इस योजना का लाभ ले सकेगा। पहले इस योजना के तहत काश्तकार के पास 3 बीघा जमीन होने पर ही उसे पात्र माना जाता था, लेकिन सरकार ने 2 बीघा जमीन वाले काश्तकार को भी इस योजना के लिए पात्र मान लिया।
‘फार्म पौंड किसानों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। किसानों का रुझान इसके प्रति अब कम हो गया। इस वर्ष जिले में 70 फार्म पौंड लगने का लक्ष्य मिला। काश्तकारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।’
रमेशचंद जैन, कृषि उप निदेशक, कृषि विभाग, बूंदी

pankaj joshi Photographer
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned