जायद की फसल के लिए पेटा काश्त भूमि पर पड़ाव

हिण्डोली क्षेत्र के कहार समाज के किसान इन दिनों जायद की फसल के लिए जिले के विभिन्न पेटा काश्त भूमियों पर पड़ाव डालकर फसल तैयार कर रहे हैं।

By: pankaj joshi

Published: 05 Apr 2021, 10:04 PM IST

जायद की फसल के लिए पेटा काश्त भूमि पर पड़ाव
हिण्डोली. हिण्डोली क्षेत्र के कहार समाज के किसान इन दिनों जायद की फसल के लिए जिले के विभिन्न पेटा काश्त भूमियों पर पड़ाव डालकर फसल तैयार कर रहे हैं।
हिण्डोली, हनुमान का झोपड़ा, कांसकी आंतरी, दोडू़ंदा सहित आसपास के गांव से किसानों ने जनवरी माह में गुढ़ा बांध, पेच की बावड़ी, गोठड़ा, रुणीजा, बरधा, दुगारी, बाक्या, सोरण सहित कई तालाबों व बांधों की पेटा भूमि को महंगी दर पर जुवारे से लेकर उसमें जायद की फसल तरबूज, खरबूज एवं ककड़ी की बुवाई की है। इस फसल को संवारने के लिए कहार समाज के लोग परिवार सहित पेटा काश्त भूमि पर टापरी बनाकर पड़ाव डाले हुए हैं। अब फसल तैयार होने को है।
हिण्डोली के किसान भंवर लाल कहार ,फोरूलाल, मुकेश कहार ने बताया कि इस बार तरबूज व खरबूजे के बीज काफी महंगे खरीदें। अधिक गर्मी पडऩे व लू चलने से सिंचाई की आवश्यकता रहने से महंगा डीजल जलाना पड़ा। किसानों ने बताया कि एक पखवाड़े के बाद तरबूज की फसल बाजार में बिकने आ जाएगी।
पहले की तरह न हो जाए हाल
गत वर्ष भी तरबूज की फसल का बंपर उत्पादन हुआ था , लेकिन कोरोना के चलते कई स्थानों पर हुए लॉकडाउन से तरबूज के दाम काफी कम रहे थे। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों ने बताया कि इस बार भी कोरोना का असर बढ़ गया है। जिससे उनकी चिंताएं बढ़ी हुई है। तरबूज अधिकांशत: महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली में बिकने जाता है।

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