गो संरक्षक व संवर्धन अधिनियम 2016 में किए गए संशोधन को निरस्त करने की मांग को लेकर गौ भक्तों ने दिया धरना

गो संरक्षक व संवर्धन अधिनियम 2016 में किए गए संशोधन को निरस्त करने की मांग को लेकर यहां जिला मुख्यालय पर जिला कलक्ट्रेट के बाहर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद एवं गौ सेवकों ने धरना दिया। अधिनियम में सरकार की ओर से किए गए परिवर्तन को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

By: Narendra Agarwal

Published: 22 Sep 2020, 11:48 AM IST

बूंदी. गो संरक्षक व संवर्धन अधिनियम 2016 में किए गए संशोधन को निरस्त करने की मांग को लेकर यहां जिला मुख्यालय पर जिला कलक्ट्रेट के बाहर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद एवं गौ सेवकों ने धरना दिया। अधिनियम में सरकार की ओर से किए गए परिवर्तन को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
विहिप नगर अध्यक्ष मनमोहन अजमेरा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2016 में राज्य के निराश्रित, अपंग एवं वृद्ध गोवंश के संरक्षक व संवर्धन के लिए उक्त अधिनियम बनाया था। जिसमें राज्य की पंजीकृत गोशालाओं व कांजी हाउस में आश्रशीत, निराश्रित, अपंग व वृद्ध गोवंश के पालन पोषण के लिए सहायता राशि देने का प्रावधान किया था। उसी निमित अधिनियम का उदेश्य, निधि की स्थायी व्यवस्था, पंजीकृत गोशाला को ही सहायता की मांग को उठाई गई। इस दौरान विहिप के जिलाध्यक्ष नंदलाल वर्मा, मंत्री मांगीलाल गोचर, जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष महेश जिंदल, प्रदीप हरसोरा, नीतेश गांधी, पीताम्बर शर्मा, कृष्णमुरारी चतुर्वेदी, हुकुमचंद सोनी आदि मौजूद रहे।

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