छोटी सी उम्र में बेटियों ने पापा के दफ्तर पहुंचकर पाया बड़ा ज्ञान, खिले चेहरे

Narendra Agarwal | Updated: 23 Sep 2019, 12:43:21 PM (IST) Bundi, Bundi, Rajasthan, India

बेटियो΄ के लिए रविवार का दिन खास रहा। खास इसलिए की वह अपने पापा के साथ उनके कार्य स्थल पर गई।

बूूंदी. बेटियो΄ के लिए रविवार का दिन खास रहा। खास इसलिए की वह अपने पापा के साथ उनके कार्य स्थल पर गई। दिनभर साथ रही और उनके काम को जाना। उनकी सीट पर बैठी और अनुभवों को नजदीक से समझा। इस खास मौके पर पापा ने भी सारे अधिकार अपनी बेटी को दिए। यहां तक की ग्राहकों को सामान देने, खेतों में ट्रैक्टर चलाने और दफ्तर में फाइल को पढऩे का अवसर भी बेटियों को प्रदान किया। सभी के लिए यह अनुभव नया था, लेकिन इसने उन्हें खुशी प्रदान की। बेटियों के चेहरो΄ की चमक ने यह साफ कर दिया कि यह पल उनके लिए कितना खास था। औपचारिक कार्यक्रमो΄, भाषणो΄ से परे राजस्थान पत्रिका के इस अभियान ने बेटिया΄ खूब सराह रही है΄। वही΄ पैरे΄ट्स का कहना है कि वह पल जीवन का सबसे यादगार पल होता है, जब आप अपने कार्यस्थल पर बेटी के साथ हों।

‘पत्रिका’ के ऑफिस पहुंची शहर की बेटियां
बूंदी के आजादपार्क के निकट स्थित राजस्थान पत्रिका कार्यालय में शहर की एक दर्जन बेटियां पहुंची और अखबार के कामकाज को जाना। विदुषी चतुर्वेदी एम कॉम फाइनल, यशांसी चतुर्वेदी बीएड, महिका मण्डोवरा कक्षा 9, अंशिका अग्रवाल कक्षा 4, हर्षिता शर्मा कक्षा 12 साइंस, रूद्राक्षी शर्मा कक्षा 8, धान्या शर्मा कक्षा 3, स्नेहा अग्रवाल कक्षा 3, पल्लवी झंवर कक्षा 12 कॉमर्स, खुशी मण्डोवरा कक्षा 12 कॉमर्स, गुंजन जाजू कक्षा 12 कॉमर्स, यशिका ओझा कक्षा 12 कॉमर्स, रक्षिता शर्मा कक्षा 11 साइंस, पीहू गौड़ ने खूब सवाल किए।

कार्यस्थल पर जाकर पापा के कार्य को देखा, समझने की कोशिश की। कार्य बहुत कठिन है, अनुभव अच्छा रहा। - अदिति


पापा के ऑफिस आकर, उनकी चेयर पर बैठकर बहुत अच्छा लगा। पापा ने एकाउंट्स व बिल बाउचर के बारे में बताया। - गरिमा
आज मम्मी के कॉलेज में पौधों की संरचना के बारे में सीखा। जड़, तना, पत्ती, शाखाएं, फूलों आदि की जानकारी प्राप्त कर बहुत अच्छा लगा। -चार्वी

ापा के दुकान आकर, उनकी चेयर पर बैठकर हम दोनों ने मोटरपाट्र्स विक्रय करने के संबंध में जानकारियां ली। जानकारी पाकर खुशी मिली। -रिद्धिमा, अमीषी

पापा के दुकान पर आकर, उनकी चेयर पर बैठकर बहुत अच्छा लगा। ग्राहक को संतुष्ट करना कठिन काम है।  - पूर्वी शृंगी

पापा के साथ आज पहली बार आइटीआइ आने का अवसर मिला। यहां पापा का काम देखकर खुशी मिली।
विशाखा शर्मा
कार्यालय में आकर समाचार तैयार करने , फोटो तथा कम्प्यूटर की विभिन्न जानकारी पापा ने दी।
तनीशा अग्रवाल

ग्राम पंचायत कार्यालय पर गई, जहां पर पंचायत के काम जैसे सीसी सडक़, शौचालय निर्माण के प्रस्तावों के बारे में जाना।
पीहू
पापा के साथ खेत पर आकर ट्रैक्टर चलाना बहुत अच्छा लगा। पापा का काम वाकई में बहुत कठिन है।  पत्रिका के द्वारा बेटियों के लिए चलाया गया यह अभियान बहुत ही सराहनीयपूर्ण कार्य है । - निशा कुमारी मीणा

एक दिन के लिए टीचर बनकर कक्षा में बच्चों को सामाजिक ज्ञान विषय पढ़ाया। मम्मी की जगह एक दिन टीचर बनकर बहुत अच्छा लगा। यह अवसर हर बेटी को मिलना चाहिए।
-जोया खान
स्वर्णकारी धंधे की जानकारी देकर चांदी की चेन के झाल लगाने का कार्य भी मैंने हाथों से किया। पापा के साथ खूब अच्छा लगा।
निधि सोनी
पापा के साथ बैंक की गतिविधियों के बारे में जाना। इस दौरान पापा ने एटीएम से भुगतान करना तथा अन्य कार्यों की जानकारी दी। यहां हम सबसे मिले।
प्रियल, ऐंजल

पापा की दुकान पर आकर साडिय़ों की विभिन्न वैरायटी को देखने का मौका मिला। महिलाओं को साड़ी पसंद करवा कर संतुष्ट करना कठिन कार्य लगा। पत्रिका को धन्यवाद जो मेरे मन में उत्साह पैदा किया। खुशी

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned