हाइटेक होंगे संदर्भ कक्ष, दिव्यांग बच्चे मॉडल कक्ष में करेंगे कम्प्यूटर के जरिए अपनी पढ़ाई

अब प्रदेश के विशेष योग्यजन (दिव्यांग) विद्यार्थी भी कम्प्यूटर के जरिए अध्ययन करेंगे। समग्र शिक्षा अभियान की ओर से विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए प्रदेश के 24 जिलों के संदर्भ केंद्र हाइटेक किए जाएंगे।

By: pankaj joshi

Published: 14 Oct 2021, 07:36 PM IST

हाइटेक होंगे संदर्भ कक्ष, दिव्यांग बच्चे मॉडल कक्ष में करेंगे कम्प्यूटर के जरिए अपनी पढ़ाई
बूंदी सहित प्रदेश के 24 जिला मुख्यालयों पर करीब 1 करोड़ से बनेंगे मॉडल संदर्भ कक्ष
बूंदी. अब प्रदेश के विशेष योग्यजन (दिव्यांग) विद्यार्थी भी कम्प्यूटर के जरिए अध्ययन करेंगे। समग्र शिक्षा अभियान की ओर से विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए प्रदेश के 24 जिलों के संदर्भ केंद्र हाइटेक किए जाएंगे। इन केंद्रों को मॉडल संदर्भ कक्ष में बदला जाएगा। पहले से और अधिक इनकी सुविधाओं में बेहतर इजाफा होगा। इसकी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी। सबकुछ ठीक रहा तो अगले फरवरी माह तक हाइटेक संदर्भ केंद्र चयनित जिले में तैयार हो जाएंगे। इन मॉडल संदर्भ कक्ष के लिए करीब एक करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। प्रत्येक केंद्र में 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। समग्र शिक्षा अभियान विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं के लिए सरकार ने विभिन्न योजना चला रखी है। इन केंद्रों पर विशेष शिक्षा और काउंसलिंग के अलावा फिजियोथैरेपी तक की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। बूंदी जिले में 1780 बच्चे लाभान्वित होंगे।
इन जिलों में सुविधा
समग्र शिक्षा अभियान के तहत बूंदी, अलवर, जैसलमेर, बांसवाड़ा, गंगानगर, हनुमानगढ़, जालौर, बारां, झालावाड़, बाड़मेर, झुंझुंनंू, भीलवाड़ा, करौली, नागौर, चितौडगढ़़़, प्रतापगढ़, दौसा, राजसमंद, धौलपुर, सवाई माधोपुर, सीकर, डूंगरपुर, सिरोही व टोंक में उक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
अब कम्यूटर के जरिए कर सकेंगे पढ़ाई
प्रदेश में अब तक मूकबधिर, मानसिक विमंदित व नेत्रहीन सहित अन्य श्रेणी के विशेष योग्यजनों को विशेष शिक्षक वर्कबुक के जरिए पढ़ाई कराने पर मजबूर है। अब हर संदर्भ केंद्र पर ऑडियो-वीडियो थीम पर पढ़ाई के लिए कम्प्यूटर भी दिया जाएगा। जिन संदर्भ केंद्र पर नामांकन ज्यादा है वहां प्रोजेक्टर सहित अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। इसके लिए निदेशालय की ओर से विशेष शिक्षकों ने खास वीडियो भी तैयार कराए जा रहे है।
काउंसलिंग व फिजियोथैरेपी भी
शिक्षा विभाग की और से इस साल अभिभावकों से संवाद किया गया था। इस दौरान सामने आया कि सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई तो होने लगी, लेकिन काउंसलिंग व फिजियोथैरेपी के इंतजाम नहीं होने की वजह से काफी परेशानी हो रही है। इस पर विभाग की ओर से मॉडल योजना बनाकर बजट स्वीकृत किया है।
यह होंगे कार्य
सभी विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं का रिकॉर्ड संधारण
विशेषज्ञों की ओर से बच्चों के लिए थैरेपिक संबलन का निर्धारण
मासिक कैलेंडर
विशेष उपकरणों की कार्यशीलता
विभागीय योजनाओंं की सीडब्ल्यूएसएन तक पहुंच
इस प्रकार खर्च होगी राशि
उपकरण का नाम अनुमानित लागत मात्रा
स्मार्ट/इंटरेक्टिव बोर्ड (फुल सेटअप) 125000 1
रिफ्रेशएबल ब्रेल डिस्प्ले 45000 1
दिव्य नयन 15000 1
डेजी प्लेयर (ई-10) 12000 1
मोबाइल 14000 1
स्मार्ट केन 4500 1
ज्यातिति किट 2000 1
स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर (इंडो एनवीडीए) 3000 1
स्मार्ट रीडिंग स्टैंड 1500 1
गु्रप हियरिंग ऐड 20000 1
स्पीच ट्रेनर 20000 2
एमआर किट 4500 4
कम्प्यूटर 75000 1
प्रिंटर विद स्केनर मस फोटोकॉपी 25000 1
फर्नीचर 20000 1
बूंदी जिला मुख्यालय पर मॉडल संदर्भ केंद्र विकसित होने से जिले के दिव्यांग बालक-बालिकाएं आधुनिक सुविधा युक्त शैक्षणिक एवं पुनर्वास कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हुआ है। जल्द इसका कार्य शुरू किया जाएगा।
डॉ.महेश गोस्वामी, समन्वयक, जिला समावेशिक शिक्षा सम्रग शिक्षा, बूंदी

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