बेघर घुमक्कड़ परिवारों को चार वर्षों से पट्टों का इंतजार

नैनवां नगरपालिका क्षेत्र में नगर रोड पर बसे घुमंतू जाति के तीस परिवारों को आवास निर्माण के लिए आवंटित भूमि पर चार वर्ष बाद भी पट्टे नहीं मिल पाए।

By: pankaj joshi

Updated: 13 Aug 2020, 06:57 PM IST

बेघर घुमक्कड़ परिवारों को चार वर्षों से पट्टों का इंतजार
राजस्व विभाग नहीं कर रहा रास्ते का निस्तारण
स्वायत शासन विभाग ने स्वीकृति जारी की
नैनवां. नैनवां नगरपालिका क्षेत्र में नगर रोड पर बसे घुमंतू जाति के तीस परिवारों को आवास निर्माण के लिए आवंटित भूमि पर चार वर्ष बाद भी पट्टे नहीं मिल पाए। पहले एक वर्ष तक स्वायत शासन विभाग ने मामला लटकाए रखा। स्वायत शासन विभाग ने स्वीकृति जारी कर दी तो अब राजस्व विभाग आवंटित भूमि तक जाने का रास्ता चिन्हित नहीं कर रहा।
राजस्व विभाग की देरी से पट्टा आंवटन प्र्रकिया रूकी पड़ी है। चार वर्ष पूर्व चरागाह भूमि से उजाड़े इन परिवारों को बसाने के लिए जिला कलक्टर ने भूमि भी आवंटित कर रखी है। नैनवां नगरपालिका सीमा में 24 नवम्बर 2015 को चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान कई घुमंतू परिवार बेघर हो गए थे। चरागाह भूमि से बेदखल किए परिवारों को बसाने के लिए जिला कलक्टर ने मई 2016 को राज्य राजमार्ग पर स्थित खसरा संख्या 661/1 में पांच बीघा सिवायचक भूमि आबादी में परिवर्तित कर नगरपालिका के नाम आंवटित की थी। आवंटित भूमि पर नगरपालिका को घुम्मकड़ जाति के परिवारों के नाम पट्टे जारी करने का आदेश भी दिया था। भूमि आवंटित होने के बाद राजस्व विभाग को नगरपालिका पर भूमि पर भी कब्जा संभला दिया था।
घुमंतू परिवारों को बसाने के लिए आवंटित भूमि पर भूखंड आवंटन के लिए नगरनियोजक कार्यालय को प्रस्तुत नक्शे का नगर नियोजक कार्यालय द्वारा अनुमोदन भी हो चुका है। स्वायत शासन निदेशालय में पट्टा आवंटन करने की स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है।
पट्टे नहीं मिलने से टापरियों में रहना पड़ रहा
परिवार गरीबी की रेखा से भी नीचे जीवन यापन कर रहे है। किसी के पास भी रहने को आवास नहीं है। टापरियां बनाकर उनमें ही बसेरा करते है। आजीविका कोई जरिया नहीं होने से दिहाड़ी मजदूरी के सहारे ही जीवन यापन करते है।फिर भी इन परिवारों को बीपीएल योजना में चयन नहीं किया गया। बस्ती निवासी प्रभुलाल, मीठा बाई, धूलालाल, अमरलाल, कन्हैयालाल कालबेलिया ने बताया कि उनके नाम आवंटित भूमि पर पट्टे नहीं बनाना तो दूर उनकी बस्ती मूलभूत सुविधाओं से भी महरूम कर रखा है। कई परिवारों के राशन कार्ड तक से वंचित है। तीस परिवारों में से आधे परिवारों के ही राशन कार्ड जारी हो रहे है। बाकी के परिवार के लोग राशन कार्ड बनाने के लिए चक्कर काटते आ रहे है।
पालिकाध्यक्ष का कहना
पालिकाध्यक्ष मधु कंवर का कहना है कि स्वायत शासन विभाग ने पट्टे जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी है। राजस्व विभाग को रास्ते का निस्तारण करना है। राजस्व विभाग द्वारा निस्तारण में की जा रही देरी से पट्टे जारी नहीं हो पा रहे।

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