बरड़ में बेखौफ फलफूल रहा अवैध खनन

बरड़ क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन बेखौफ हो रहा। जिम्मेदारों ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है।

By: pankaj joshi

Published: 02 Mar 2021, 09:11 PM IST

बरड़ में बेखौफ फलफूल रहा अवैध खनन
जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी, राजस्व गांव पलका सहित कई जगह धड़ल्ले से काट रहे पत्थर
सिवायचक और वन भूमि को छलनी कर रहे माफिया
बूंदी. डाबी. बरड़ क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन बेखौफ हो रहा। जिम्मेदारों ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। खनन माफिया सिवायचक और वन भूमि पर धड़ल्ले से रात-रातभर अवैध खनन कर रहे हैं। इन्हें न कोई टोक रहा और न ही कोई रोक रहा है। ऊंचे रसूखात के चलते कई जगह तो सबको जानकारी के बावूजद अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं हो रही।
राजस्व गांव पलका के निकट आमझरी महादेव से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर सिवायचक भूमि पर अवैध खनन हो रहा। इस सिवायचक भूमि पर तीन जगह बड़े-बड़े गड्ढे कर पत्थर निकालने शुरू कर दिए। यह तो बानगी भर बताया, ऐसी दर्जनों अवैध खदाने इन दिनों बरड़ में चल रही। इस अवैध खनन से धरती तो छलनी हो ही रही साथ ही साथ प्रदेश सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लग रहा है।
रात-रातभर धमाकें
अवैध खनन के लिए रात-रातभर धमाके हो रहे हैं। फिर पत्थरों को दिनभर वाहनों में भरकर निकाल रहे हैं। कुछ जगह तो ऐसी बताई जिनमें रात के समय ही पत्थरों को निकालकर दूसरी जगह ठिकाने पर लगा रहे। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूर्व विधायक ममता शर्मा ने कई बार मांग उठाई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
यहां हो रहा अवैध खनन
माला की मुइया (डाबी-पराना), फाटी सिल्ला (गरड़दा नदी), सीमलिया महादेव (बुधपुरा-पराना), ऊंटनी का चौक (धनेश्वर), दुदी कुडी व मोलाट (डाबी), भणज-पलका के रास्ते पर महादेव के पास, बागलिया नदी और कांटी-अस्तोली, सथूर, खटकड़ रोड के आस-पास इन दिनों सर्वाधिक अवैध खनन हो रहा बताया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी प्रशासन और खनि विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
अवैध खनन पर कार्रवाई के नाम पर विभागीय अफसर खानापूर्ति कर रहे हैं। कांटी-अस्तोली, माला की मुइया और फाटी सिल्ला में बीते वर्ष भी एक-एक एलएनटी मशीन जब्त की गई थी।
वन क्षेत्र को बना रहे निशाना
इन दिनों वन भूमि को अधिक निशाना बनाया जा रहा है। वन भूमि का चिह्निकरण हुए वर्षों हो गए और अब अधिकतर अधिकारी-कर्मचारी भी नए आ गए, जिन्हें वन क्षेत्र की जानकारी के अभाव है और ऐसे में खनन माफियाओं की मौज हो रही है।
पहले से मिल जाती है सूचना
खनन माफिया का सूचना तंत्र भी मजबूत है। इन्हें कार्रवाई की सूचना पहले से लग जाती है। ऐसे में अधिकारी पहुंचते भी है तो कोई नहीं मिलता। जबकि कई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में वाहन मिलते हैं। इससे यह तो स्पष्ट हो रहा है कि अवैध खनन जोरों पर चला रहा है।

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