बूंदी चिकित्सालय में नवजात की अदला-बदली से हडक़ंप

बूंदी के सामान्य चिकित्सालय की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में मंगलवार को उस समय हडक़म्प मच गया जब दो नवजात शिशु की अदला-बदली हो गई। यह गफलत शिशुओं को कोटा रैफर करने के दौरान नर्सिंग कर्मियों से हुई।

By: pankaj joshi

Updated: 30 Sep 2020, 06:03 PM IST

बूंदी चिकित्सालय में नवजात की अदला-बदली से हडक़ंप
गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में भर्ती थी नवजात
कोटा रैफर करने के दौरान हुई गफलत
बूंदी. बूंदी के सामान्य चिकित्सालय की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एफबीएनसी) में मंगलवार को उस समय हडक़म्प मच गया जब दो नवजात शिशु की अदला-बदली हो गई। यह गफलत शिशुओं को कोटा रैफर करने के दौरान नर्सिंग कर्मियों से हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एफबीएनसी में दो नवजात बालिकाएं भर्ती थी। जिन्हें मंगलवार को कोटा रैफर किया गया। नर्सिंग कर्मियों ने वार्ड से सीधे परिजनों को उठाकर पहली नवजात सौंप दी। जिसे लेकर परिजन कोटा रवाना हो गए। इसके बाद दूसरी बालिका को लेने परिजन वार्ड के बाहर पहुंचे। एफबीएनसी में परिजनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होती। जब उन्हें बाहर लाकर नवजात को सौंपा तो उसके शरीर पर लपटे कपड़ों को देखकर उन्होंने नवजात उनकी होने से इनकार कर दिया। यह सुनते ही नर्सिंग कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। इधर, परिजनों ने बच्चे को बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। तब नर्सिंग कर्मियों ने पहले रैफर हुई नवजात के परिजनों से सम्पर्क साधा और उन्हें नवजात की अदला-बदली की सूचना दी। वह कोटा जेके लोन चिकित्सालय में पहुंच गए थे।
बूंदी में मौजूद परिजनों को एम्बुलेंस से कोटा भेजा। जब दोनों परिजनों को अपनी-अपनी नवजात मिली तो यहां नर्सिंग कर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि बाद में चिकित्सालय प्रशासन नर्सिंग कर्मियों की इस कथित लापरवाही को दबाने में जुटा रहा।
मेरी जानकारी में नहीं आया। सुबह से बैठक में था। फिर भी मामले के बारे में पूरी जानकारी लेकर स्टॉफ को पाबंद किया जाएगा।
डॉ.प्रभाकर विजय, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, बूंदी

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