पयुर्षण पर्व : जिनालयों में गूंज रहे णमोकार मंत्र

जैन समाज के चल रहे दशलक्षण पर्युषण पर्व के तहत जिनालयों में धार्मिक कार्यक्रम जारी है। पर्व के तीसरे दिन संगीतमय उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना की गई।

By: Narendra Agarwal

Published: 13 Sep 2021, 06:46 PM IST

बूंदी. जैन समाज के चल रहे दशलक्षण पर्युषण पर्व के तहत जिनालयों में धार्मिक कार्यक्रम जारी है। पर्व के तीसरे दिन संगीतमय उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना की गई। शहर के सभी मंदिरों में ज्ञान की गंगा बह रही है। दिगंबर जैन खंडेलवाल (सरावगी) समाज के दशलक्षण पर्व पर ऑनलाइन प्रतियोगिता जारी है। वर्धमान संचय समिति की ओर से ''फोटो के रंग धर्म के संग" प्रतियोगिता हुई। जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता प्रभारी बबीता गंगवाल ने बताया कि प्रतियोगिता में हनी गंगवाल प्रथम, रूचिता जैन द्वितीय व अर्चना जैन तृतीय रही। पर्युषण पर्व समिति के संयोजक संजय पाटनी व उप संयोजक मनीष पाटनी ने बताया कि सोमवार को महिला मंडल की ओर से लघु नाटिका कराई जाएगी।
देवपुरा में संगीतमय हो रहा विधान
देवपुरा स्थित 1008 संभवनाथ दिगंबर जैन चौबीसी मंदिर में संगीतमय मंडल विधान जारी है। मंडलजी के समक्ष पूजा-अर्चना कर अघ्र्य चढ़ाया गया। इससे पूर्व भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। जिसमें शांतिधारा का सौभाग्य कौशल कुमार, उत्सव कुमार परिवार को प्राप्त हुआ। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य धर्मचंद सुरेश कुमार, दिनेश कुमार व कमलेश कुमार कोटिया, कुबेर इंद्र कैलाश ओमप्रकाश ललित ठग, ईशान इंद्र ओम कासलीवाल एवं महेंद्र इंद्र बनने का सौभाग्य अशोक कुमार आयुष कोटिया परिवार को प्राप्त हुआ। विधानाचार्य पंडित अक्षय शास्त्री ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रकाश डाला। सायंकालीन में जैन धर्म पर आधारित धार्मिक तंबोला खिलाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान समिति अध्यक्ष विनोद कोटिया, मंत्री ओमप्रकाश ठग, कोषाध्यक्ष अशोक जैन, पर्युषण पर्व समिति के मुख्य संयोजक कमल कोटिया व ललित ठग आदि मौजूद रहे।

उत्तम मार्दव धर्म पूजन किया
नैनवां. सरावगी तेरह पंथ दिगम्बर जैन मन्दिर में पर्युषण पर्व पर रविवार को उत्तम मार्दव धर्म शांतिधारा पूजन किया गया। प्रतिष्ठाचार्य अभिषेक जैन ने कहा कि मार्दव धर्म पर बताया कि मनुष्य के मन से अहंकार को हटाकर निर्मल भाव लाना ही मार्दव धर्म है। प्रवक्ता महावीर सरावगी ने बताया कि मन्दिर में भक्तामर स्रोत पाठ चल रहे हैं। जिनमें प्रतिदिन 48 दीपकों के साथ पाठ किए जा रहे है।

Narendra Agarwal Desk
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