खरीफ की फसल में लगा रोग, किसान बोले खराबे का कराओ सर्वे

उपखंड के गांवों में खरीफ की प्रमुख फसलें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसलें रोगग्रस्त होती जा रही है।

By: Narendra Agarwal

Updated: 05 Sep 2020, 10:16 AM IST

नैनवां. उपखंड के गांवों में खरीफ की प्रमुख फसलें उड़द, सोयाबीन व मक्का की फसलें रोगग्रस्त होती जा रही है। फसलों में लगे रोग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने भी फसलों में रोग का प्रकोप होने की पुष्टि की है। उपखंड के बम्बूली गांव में फसलें चौपट हो जाने से फसलों में हो रहे खराबे का सर्वे कराने की मांग को लेकर किसान रोगग्रस्त फसलों के नमूने लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। उपखंड में उड़द, सोयाबीन व मक्का ही खरीफ की मुख्य फसल होती है। कृषि विभाग के अनुसार उड़द में येलोमोजेक रोग, सोयाबीन में सेमीलूपर कीट व मक्का में फाल आर्मीवर्म कीट का प्रकोप हो रहा है। कीट प्रकोप से फसलें पीली पडकऱ सूखने लगी है। बम्बूली गांव में तो फसलें पूरी तरह चौपट हो जाने से शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। उपखंड अधिकारी को दिखाने के लिए किसान अपने साथ रोग ग्रस्त फसलों के पौधें भी साथ लेकर आए। किसानों ने राजस्व विभाग व बीमा कम्पनियों से फसलों के खराबे का सर्वे कराकर उचित मुआवजा स्वीकृत कराने की मांग की। किसानों राधेश्याम नागर, रामप्रकाश नागर, इन्द्रराज नागर, सांवरा धाकड़, लोकेश, हनुमान व अशोक धाकड़ ने बताया कि बम्बूली गांव में रोग व कीट प्रकोप से उड़द, सोयाबीन व मक्का की अधिकांश फसलें चौपट हो गई। फसलों में लगे रोग के उपचार के लिए दवाओं का छिडक़ाव करने के बाद भी फसले बच नहीं पाई है। इधर नैनवां के सहायक कृषि अधिकारी गणेशप्रसाद सोनी ने बताया कि खरीफ की फसलों उड़द में येलोमोजेक रोग, सोयाबीन में सेमीलूपर कीट व मक्का में फालआर्मीवर्म कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है। जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी है।

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