आलीशान बंगला वाला बन गया तालाब गांव

हिण्डोली क्षेत्र के ग्राम पंचायत तालाब गांव जो बूंदी जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव में इन दिनों लोगों में आलीशान बंगले बनाने की होड़ लगी हुई है। जिससे इस गांव को बंगलों का गांव कहा जाने लगा है।

By: pankaj joshi

Published: 21 Jul 2021, 09:24 PM IST

आलीशान बंगला वाला बन गया तालाब गांव
पहले जाना जाता था ट्रक वाले गांव के नाम से
फूलसागर सागर बांध के बीच बसा है गांव
हिण्डोली. हिण्डोली क्षेत्र के ग्राम पंचायत तालाब गांव जो बूंदी जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव में इन दिनों लोगों में आलीशान बंगले बनाने की होड़ लगी हुई है। जिससे इस गांव को बंगलों का गांव कहा जाने लगा है।
जानकारी के अनुसार तालाब गांव को बरसों से ट्रक वाला गांव के नाम से जाना जाता था। यहां पर सात सौ से अधिक संख्या में लोगों के पास ट्रक हैं। इससे तालाब गांव को ट्रक वाला गांव के नाम से जाना जाता है। अब यहां के लोग कुछ समय से पुराने मकानों को हटाकर व खाली जमीन पर आलीशान बंगले बनाने की होड़ में लगे हैं। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे व गांव में अधिकांश दो मंजिलें बंगले नजर आते हैं। इससे गांव शहर जैसा दिखाई देने लगा है।
गांव की है कहानी
सवाईमाधोपुर के 18 खेड़ा से गद्दी समुदाय के पूर्वज दरबार के समय लकडिय़ां एवं कोयले का काम करने यहां आए थे। जिनको बूंदी दरबार ने यहां बसाया था। तालाब गांव के दोनों ओर फूलसागर बांध का पानी भरता था। जिससे ऊंचे पहाड़ी पर बसाया गया।
इसलिए पहले इसे गद्दियों का बरड़ा भी बोलते थे। आसपास जंगल के ना होने के कारण यहां के लोगों ने धीरे-धीरे चूना भट्टा लगाकर चूने का व्यापार करने लगे। यहां पर बड़ी संख्या में चूना भट्टे लगे थे। समय के साथ चूना का धंधा कम होने लगा तो लोग ट्रकों के व्यवसाय की तरफ बढऩे लगे। ट्रक व्यवसाय में लोग काफी मेहनत करके गांव को विकास की पटरी पर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां के युवक पढ़ाई के साथ ही चालक-खलासी का काम सीखते हैं एवं खुद गाडिय़ां संभालते हैं।
गांव में खेती की जमीन अधिक नहीं है। पहले तालाब गांव ग्राम पंचायत सथूर में लगता था, जहां से 25 वर्ष तक आमिर मोहम्मद सरपंच रहे। तालाब में ग्राम पंचायत मुख्यालय बन गया है।
यह कहते हैं गांव के लोग
तालाब गांव के लोग शुरू से ही मेहनतकश रहे हैं। वे अपने काम में कभी पीछे नहीं हटते है एवं मेहनत के बल पर आगे प्रगति कर रहे हैं ।
हनीफ भाई
गांव के छात्र पढ़ाई के बाद रोजगार में लग जाते हैं एवं ट्रक चालक, खलासी, पत्थर व्यवसाय सहित अन्य कार्य में लगे रहते हैं। दिन रात मेहनत कर कमाई करते हैं।
इदरीश भाई ,समाजसेवी।
यहां पर युवकों में कंपटीशन की भावना है और इसी भावना के अनुरूप पर हमेशा आगे बढऩे का प्रयास करते रहते हैं।
कयामुद्दीन, उप सरपंच ग्राम पंचायत तालाब गांव।

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