बूंदी

खेत की मेड़ के लिए अपने हुए दुश्मन, चाचा और भाई ने ही ले ली जान

क्षेत्र के माटूंदा कस्बे में 12 अगस्त को हुए जानलेवा हमले में घायल युवक ने उपचार के दौरान जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल में मंगलवार देर रात को दम तोड़ दिया।

बूंदीAug 19, 2021 / 06:14 pm

Nagesh Sharma

खेत की मेड़ के लिए अपने हुए दुश्मन, चाचा और भाई ने ही ले ली जान

12 अगस्त को किया था जानलेवा हमला, जयपुर में हुई मौत
रामगंजबालाजी (बूंदी). क्षेत्र के माटूंदा कस्बे में 12 अगस्त को हुए जानलेवा हमले में घायल युवक ने उपचार के दौरान जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल में मंगलवार देर रात को दम तोड़ दिया। बुधवार को मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव माटूंदा लाए। यहां परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों ने सदर थाना पुलिस की कार्यशैली, बूंदी जिला चिकित्सालय के चिकित्सक की गलत मेडिकल रिपोर्ट और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर शव एम्बुलेंस से नहीं उतारा। बीच सडक़ पर ग्रामीणों व परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों व परिजनों के साथ समझाइश कर उनकी सभी मांगें मानी तब शव संभाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 अगस्त को माटूंदा निवासी रामराज रैगर (24) खेत पर गया था। तभी खेत पर चाचा चेतराम वर्मा, चाचा के बेटे जितेंद्र वर्मा व प्रदीप वर्मा धारदार हथियार लेकर आए और जानलेवा हमला कर दिया। इसमें रामराज गंभीर घायल हुआ। उसे परिजन बाद में जिला अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए। यहां से उसे पहले कोटा और बाद में जयपुर रैफर कर दिया। जयपुर में हालत नाजुक बनी रही और मंगलवार देर रात को उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव माटूंदा लाया गया। जहां परिजनों ने शव एम्बुलेंस से नहीं उतारा। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सदर थाना पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

***** दो दिन तक काटती रही थाने का चक्कर
मृतक के चाचा चौथमल वर्मा ने पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपी रिपोर्ट में बताया कि सदर थाना पुलिस के पास 2 दिन तक मृतक की ***** पूजा रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर काटती रही, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। वहीं रामराज के गंभीर चोट होने के बावजूद भी मेडिकल बनाने वाले डॉक्टर ने रिपोर्ट में हल्की चोट लिखकर इतिश्री कर दी। वहीं हमले में शामिल तीसरे आरोपी प्रदीप वर्मा को गिरफ्तार करने व प्रकरण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
रामराज रैगर की मौत के बाद में उसके दो नन्हे बालकों के सिर से पिता का साया उठ गया। मृतक के ढाई वर्ष का रोहित व 16 दिन का प्रियांशु है। मृतक की पत्नी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस छावनी बना रहा कस्बा
माटूंदा कस्बा दिनभर पुलिस छावनी बनी रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरीलाल, एससी-एसटी सेल के डिप्टी नारायणलाल, सदर थानाधिकारी संदीप शर्मा, गेण्डोली थानाधिकारी विजय सिंह कुन्तल, नमाना थाना अधिकारी महेंद्र सिंह, बसोली थाना अधिकारी रामगिलास जाब्ते के साथ तैनात रहे। दोपहर बाद आरएसी का जाब्ता भी तैनात किया गया।

पौन घंटे सडक़ पर एम्बुलेंस में रखा रहा शव
परिजनों के एम्बुलेंस से शव नहीं उठाने की सूचना पर तहसीलदार लक्ष्मीनारायण प्रजापत ने समझाइश की। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को आर्थिक मदद, सदर थाने में रिपोर्ट नहीं लेने और महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई, चिकित्सालय में मेडिकल रिपोर्ट में हल्की चोट बताने वाले चिकित्सक के खिलाफ ठोस कार्रवाई, हमले की साजिश रचने वाले बाबूलाल वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की अलग-अलग रिपोर्ट सौंपी। जिस पर तहसीलदार ने सकारात्मक जवाब दिए। तब परिजनों ने करीब पौन घंटे बाद एम्बुलेंस से शव उतारा। तहसीलदार ने पीडि़त परिवार के बच्चों के पालन पोषण के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 1 लाख रुपये की मदद की घोषणा की। साथ ही जिला विधिक प्राधिकरण में प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।

मेड़ की जमीन के बदले ले ली जान
परिजनों के अनुसार जमीन की मेड़ को लेकर चाचा-भतीजे में विवाद हुआ था। जिसमें वर्तमान माटूंदा सरपंच के ससुर चेतराम वर्मा, सरपंच के पति जितेंद्र वर्मा, सरपंच के देवर प्रदीप वर्मा ने रामराज पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद से ही रामराज की हालत नाजुक बनी हुई थी। पुलिस ने हमले के बाद सरपंच के ससुर चेतराम व पति जितेन्द्र वर्मा को पहले हिरासत में ले लिया था।

माटूंदा में युवक की मौत के बाद परिजनों ने जिन मांगों की रिपोर्ट सौंपी उन्हें संबंधित अधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया। पीडि़त परिवार की हर संभव मदद होगी। दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
लक्ष्मीनारायण प्रजापत, तहसीलदार, बूंदी

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