मक्के की फसल में आर्मी वर्म के हमले से किसानों में खलबली

लोग पहले ही कोरोना महामारी से त्रस्त है, अब किसानों के लिए नई परेशानी शुरू हो गई है। कभी तेज हवा तूफान से आड़ी पड़ रही फसलेंं तो कभी कम बारिश की मार झेल रहे किसान अब फिर से संकट में घिर गए हैं।

By: Narendra Agarwal

Updated: 24 Aug 2020, 12:09 PM IST

जजावर. लोग पहले ही कोरोना महामारी से त्रस्त है, अब किसानों के लिए नई परेशानी शुरू हो गई है। कभी तेज हवा तूफान से आड़ी पड़ रही फसलेंं तो कभी कम बारिश की मार झेल रहे किसान अब फिर से संकट में घिर गए हैं। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में लगभग सभी खेतों पर मक्के की फसल में आर्मी वर्म के हमले से फसल को भारी नुकसान हो रहा है।
कृषि विभाग ने भी मक्के की फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट की पुष्टि की है । ये मक्के के तने को खोखला कर रहा है। यह कीट मक्का फसल की पत्तियों को खाते हैं एवं पोंगली को नुकसान पहुंचाते हैं।

कीटनाशी के साथ ऐसे करें नियंत्रण
कृषि पर्यवेक्षक नरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि इस कीट से बचने के लिए मक्का की अगेती बुवाई करना सबसे कारगर उपाय है। दूसरा, मक्का के बाद अगले वर्ष मक्का की बुवाई नहीं करे। प्यूपा से वयस्क बनने को रोकने के लिए भूमि में नीम की खली 250 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर डालें। प्रकाश पाश (एक प्रति हैक्टेयर) लगाकर इसके मोथ पर नजर रखें। अंडे के गुच्छे ढंढ कर नष्ट करें। वहीं एमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी 200 ग्राम प्रति हैक्टेयर में छिडक़ाव करें। अथवा साइप्रेमिथिन 25 एफसी 600 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर अथवा एड्राबोन 5.4 ईसी 1 लीटर अथवा फेनवाल 20 ईसी एक लीटर प्रति हैक्टेयर का छिडक़ाव करें।

Narendra Agarwal Desk
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