नमसा योजना से किसानों को मिलेगा आर्थिक संबल

किसानों को मिलने वाली आय सुनिश्चित करने और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मिशन के तहत राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर में नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिवल एग्रीकल्चर योजना (नमसा ) की शुरुआत की गई है।

By: pankaj joshi

Updated: 22 Jun 2020, 08:25 PM IST

नमसा योजना से किसानों को मिलेगा आर्थिक संबल
जजावर पंचायत के खोड़ी गांव के 155 किसानों का हुआ चयन
जजावर. किसानों को मिलने वाली आय सुनिश्चित करने और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मिशन के तहत राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर में नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिवल एग्रीकल्चर योजना (नमसा ) की शुरुआत की गई है। जिससे जिले के किसान जल्द ही इस योजना से लाभान्वित होकर पशुपालन सहित खेती के क्षेत्र में आशातीत वृद्धि की ओर अग्रसर होने लगेंगे।
इसके तहत आय के एक स्त्रोत से दूसरे स्त्रोत से जुडऩे के लिए जिले में कृषि विभाग को बूंदी जिले में जजावर ग्राम पंचायत के खोड़ी ब्लॉक का लक्ष्य मिला है। इसके लिए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने नेशनल सस्टेनेबल एग्रीकल्चर (नमसा) योजना लागू की है। इस योजना में किसान की ओर से कोई भी गतिविधि अपनाए जाने पर सरकार की ओर से लागत की पचास प्रतिशत राशि या अधिकतम 1 लाख रुपए का अनुदान के रूप में सहायता दी जाएगी।
क्या है योजना
नेशन मिशन सस्टेनेबल एग्रीकल्चर (नमसा) योजना के तहत जिले में कलस्टर का चयन किया जाता है। इसमें कलस्टर में 100-150 हैक्टेयर भूमि वाले किसानों का चयन किया जाएगा। इसके लिए किसानों के चयन का कार्य शुरू हो गया है। पात्रता चयन उन्हीं किसानों के लिए होगी जिनके पास कम से कम एक हेक्टेयर या इससे अधिक भूमि उपलब्ध हो। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालन आदि गतिविधियों के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
ये गतिविधियां होंगी संचालित
किसानों को परम्परागत खेती के अलावा हॉर्टिकल्चर बेस्ड में बगीचा स्थापना 6 हैक्टेयर में किया जाएगा। इसमें फसल पद्धत्ति के साथ फलदार पौधे, दलहन फसल व सब्जियां को लगाया जाएगा। दूसरी लाइवस्टॉक बेस्ड सिस्टम होगी। इसमें गाय व भैंस क्रोपिंग सिस्टम 35 यूनिट भेड़ व बकरी क्रोपिंग सिस्टम 18 यूनिट होगी। जिसके अंतर्गत उन्नत गाय/भैस/ डेयरी के साथ मिश्रित खेती में चारा उत्पादन, ट्री बेस्ड फार्मिंग सिस्टम, पेरिपेराल में 18 हैक्टेयर एरिया लिया जाएगा। इसमें फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सहायक गतिविधियों में वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण करवाया जाएगा, जो 4 यूनिट होगी।
ये मिलेगा किसानों को अनुदान
सहायक निदेशक कृषि विस्तार रतन लाल मीणा ने बताया कि गतिविधि अपनाने पर प्रत्येक किसान को एक लाख रुपए तक या लागत का पचास प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। नमसा योजना के तहत सत्र 2019-20 में खोड़ी कलस्टर में 35 किसानों को भैंस पालन के लिए प्रत्येक भैंस पर 30 हजार रुपए का अनुदान दिया जा चुका है। चारा प्रदर्शन पर भी 10 हजार रुपए का अनुदान दिया गया है। वहीं बागवानी में 6 हैक्टेयर के लिए डेढ़ लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। 18 किसानों को भेड़-बकरी पालन के चयन के बाद प्रत्येक किसान को अधिकतम 25 हजार रुपए या लागत का पचास प्रतिशत मिलेगा। ट्री बेस्ड फार्मिंग सिस्टम पेरिपेराल में 15 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर के हिसाब से दिया जाएगा। इसी के साथ वर्मी कंपोस्ट में प्रत्येक यूनिट में 50 हजार रुपए कृषि विभाग के द्वारा दिया जा चुका है।
नमसा योजना के तहत बूंदी जिले के खोड़ी क्लस्टर में किसानों को चयन किया गया है। इस योजना से किसानों को आर्थिक रूप से मदद मिलेगी। इसी के साथ जैविक खाद से उत्पादन पर असर पड़ेगा।
रमेश जैन , उपनिदेशक कृषि विभाग ,बूंदी
नमसा योजना में खोड़ी का चयन होने के बाद इस योजना का क्रियान्वयन करना बड़ी टेढ़ी खीर था। बड़ी मुश्किल से किसानों से समझाइश कर तैयार किया गया। अब किसानों के खाते में योजना की राशि भी आना शुरू हो गई है। इसके लिए 155 किसानों का चयन किया गया।
नरेंद्र कुमार जैन , कृषि पर्यवेक्षक ,जजावर

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