नैनवां सहित नौ कॉलेज सरकारी, स्टाफ के लिए जारी की सेवा शर्ते

नैनवां के भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा महाविद्यालय सहित राज्य के पांच स्ववित्तपोषी व चार निजी महाविद्यालयों को राज्यधीन किए जाने की स्वीकृति को राज्य मंत्रीमंडल का कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त होने के बाद राज्याधीन मानते हुए हुए महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कार्मिकों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरु करने के आदेश जारी किए है।

By: pankaj joshi

Updated: 30 Dec 2020, 08:19 PM IST

नैनवां सहित नौ कॉलेज सरकारी, स्टाफ के लिए जारी की सेवा शर्ते
राज्य सेवा में लेने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति करेगी स्क्रीनिंग
उच्च शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने जारी किया आदेश
नैनवां. नैनवां के भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा महाविद्यालय सहित राज्य के पांच स्ववित्तपोषी व चार निजी महाविद्यालयों को राज्यधीन किए जाने की स्वीकृति को राज्य मंत्रीमंडल का कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त होने के बाद राज्याधीन मानते हुए हुए महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कार्मिकों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरु करने के आदेश जारी किए है। उच्च शिक्षा विभाग की शासन सचिव शुचि शर्मा ने आदेश जारी कर नैनवां के भगवान आदिनाथ जयराज मारवाड़ा महाविद्यालय के साथ स्ववित्तपोषी व निजी महाविद्यालयों रावतभाटा के महाराणा प्रताप महाविद्यालय, बेगंू के शहीद रूपाजी कृपाजी महाविद्यालय, सोजतसिटी के आईमाता महाविद्यालय, छीपाबड़ौद के प्रेमसिंह महाविद्यालय, संगरिया के मीरा कन्या महाविद्यालय, करणपुर के ज्ञान ज्योति महाविद्यालय, रायसिंहनगर के शहीद भगतसिंह महाविद्यालय, भिवाड़ी के बाबा मोहनराम किसान महाविद्यालय को मुख्यमंत्री की द्वारा वर्ष 2019-20 में की गई बजट घोषणा के क्रम में एक अगस्त 2020 को पांच स्ववित्तपोषी व चार निजी महाविद्यालयों को राज्यधीन किए जाने की स्वीकृति की गयी है। दस दिसम्बर को राज्य मंत्रीमंडल का कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त होने के बाद महाविद्यालयों को राज्य सरकार मंत्री मंडल की आज्ञा की अनुपालना में महाविद्यालयों को राज्याधीन किए जाने के दिशा निर्देश व कामिकों के चयन के लिए सेवा शर्ते जारी कर दी है।
यह की सेवा शर्ते जारी
महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कार्मिकों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा प्रदान करने के लिए सेवा नियमों विहित विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगा। कार्मिकों की पात्रता व योग्यता की जांच के लिए आयुक्त कॉलेज शिक्षा राजस्थान की अध्यक्षता में पात्रता जांच समिति गठित की जाएगी। जिसमें अतिरिक्त आयुक्त कॉलेज शिक्षा, वित्तीय सलाहकार, कॉलेज शिक्षा, उपविधि परामर्शी, कॉलेज शिक्षा संयुक्त निदेशक, एचआरडी, प्रशासन व आयोजन कॉलेज शिक्षा सदस्य के रूप में सम्मलित होंगे। उक्त जांच समिति संबंधित सेवा नियमों में विद्यमान प्रावधानों के तहत अनिवार्य शैक्षिणक योग्यता या पात्रता की जांच कर नियम 1977 के नियम-5 के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति के संबंध में सेवा नियमों में गठित विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष प्रस्ताव रखने के बाद समिति नियुक्ति के संबंध में नियमानुसार निर्णय लेगी। यह समिति 6 माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कार्मिकों की राज्य सेवा में नियुक्ति विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधर पर की जाएगी। स्क्रीनिंग के दौरान सम्बंधित सेवा नियमों में विहित आरक्षण प्रावधानों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। महाविद्यालयों में नोडल अधिकारी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय के मार्गदर्शन में प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा की पप्रस्तुत करने एवं सक्षम स्तर से आदेश जारी होने तक महाविद्यालयों की प्रबंध समिति के द्वारा ही वर्तमान सिथत के अनुसार प्रबंध समिति की निधि से महाविद्यालय संचालन उपं अध्यापन कार्य करवाया जाएगा। कार्मिकों का वेतन भुगतान प्रबध समिति अपने संसाधनों से करेगी।
नए वर्ष से पहले प्राचार्य
खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि नैनवां महाविद्यालय सहित सभी नौ महाविद्यालयों को सरकारी दर्जा मिल चुका है। नया वर्ष आने से पहले महाविद्यालयों में कॉलेज शिक्षा निदेशालय द्वारा सरकारी प्राचार्य भी लगा दिए जाएंगे। प्राचार्य लगते ही महाविद्यालय का प्रबंधन सरकारी हाथों में आ जाएगा। एक जनवरी से पहले ही नैनवां कॉलेज को सरकारी प्राचार्य मिल जाएगा।

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